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मैहर: बीच सड़क पर फूटा ‘पानी का ज्वालामुखी’, 4 इंच धंस गई सड़क; कॉलेज और हॉस्टल में घुसा सैलाब, कंपनी की गुणवत्ता पर सवाल

मैहर (मध्य प्रदेश): मैहर के अमरपाटन में बुधवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई। यहाँ करोड़ों की लागत से तैयार बाणसागर परियोजना ...

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| सतना टाइम्स

मैहर (मध्य प्रदेश): मैहर के अमरपाटन में बुधवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई। यहाँ करोड़ों की लागत से तैयार बाणसागर परियोजना की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। पानी का प्रेशर इतना अधिक था कि उसने सड़क को चीरते हुए फव्वारे का रूप ले लिया, जिससे लाखों लीटर पानी सड़क पर बर्बाद हो गया।

Pipe Line Brust In Maihar

तबाही का मंजर: नदी बन गई मुख्य सड़क

यह हादसा अमरपाटन महाविद्यालय के पास हुआ। पाइपलाइन फटने के बाद स्थिति कुछ ही मिनटों में विकराल हो गई:

  • सड़क धंसी: पानी के अंडरग्राउंड प्रेशर ने डामर की पक्की सड़क की नींव हिला दी, जिससे मुख्य मार्ग करीब 4 इंच नीचे धंस गया। गनीमत रही कि उस समय कोई भारी वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था।

  • परिसर जलमग्न: पानी का तेज बहाव पास ही स्थित शासकीय महाविद्यालय और छात्रावास की ओर मुड़ गया। कुछ ही देर में कॉलेज के मैदान और हॉस्टल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे छात्र और कर्मचारी वहां फंस गए।

  • आवागमन ठप: मुख्य मार्ग पर 2 से 3 फीट पानी जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह बंद हो गया और राहगीरों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी।

L&T कंपनी की गुणवत्ता पर उठे सवाल

यह पाइपलाइन जल निगम की ओर से विख्यात कंपनी L&T द्वारा बिछाई गई थी। इतनी बड़ी परियोजना में पाइपलाइन का इस तरह फटना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि काम में मानकों की अनदेखी की गई है।

प्रशासनिक एक्शन: मौके पर पहुँचीं SDM

घटना की सूचना मिलते ही SDM डॉ. आरती सिंह, तहसीलदार और थाना प्रभारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  1. जेसीबी से राहत: प्रशासन ने तत्काल जेसीबी मशीनें बुलवाईं ताकि पानी की निकासी का वैकल्पिक रास्ता बनाया जा सके और जलभराव कम हो।

  2. कंपनी को फटकार: एसडीएम ने संबंधित कंपनी के अधिकारियों को सख्त लहजे में फटकार लगाते हुए तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

  3. सड़क मरम्मत: PWD विभाग को सड़क धंसने की सूचना दी गई है ताकि यातायात बहाली से पहले उसे सुरक्षित किया जा सके।

निष्कर्ष

अमरपाटन की इस घटना ने सरकारी परियोजनाओं की मॉनिटरिंग पर सवालिया निशान लगा दिया है। लाखों लीटर पानी की बर्बादी और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान उस लापरवाही का नतीजा है, जिसकी जवाबदेही अब तय की जानी चाहिए।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें