सतना (मध्य प्रदेश): सतना के सांसद गणेश सिंह द्वारा एक क्रेन ऑपरेटर को कथित तौर पर थप्पड़ मारने का मामला अब एक हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे में बदल गया है। इस ‘थप्पड़कांड’ में तब बड़ा मोड़ आया जब पीड़ित क्रेन ऑपरेटर ने यू-टर्न लेते हुए सांसद के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और उस पर अपहरण और जबरन बयान बदलवाने का सनसनीखेज आरोप लगाया।
ऑपरेटर का ‘यू-टर्न’ और अपहरण का दावा
- पिछला बयान: शुक्रवार को घटना का वीडियो वायरल होने के बाद, पीड़ित ऑपरेटर गणेश कुशवाहा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने सांसद को ‘बड़े भाई जैसा’ बताया था और कहा था कि उन्होंने केवल कंधे पर हाथ रखा था।
- नया आरोप: शनिवार को, गणेश कुशवाहा ने कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के नेतृत्व में कोलगवां थाना पहुँचकर लिखित शिकायत दी। उसने पुलिस को बताया कि पहले वाला बयान उससे ‘अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण कर’ जबरन रिकॉर्ड करवाया गया था।
- पत्नी की गुहार: पीड़ित की पत्नी फूलमती ने भी अपने परिवार के लिए जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

जीतू पटवारी की अधिकारियों को सीधी चेतावनी
थाने में जब सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई, तो कांग्रेस ने तुरंत मोर्चा खोल दिया।
- थाना घेराव: कांग्रेस जिलाध्यक्ष और विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और नगर निगम कर्मचारियों ने कोलगवां थाने का घेराव किया।
- पीसीसी चीफ की धमकी: विधायक ने फोन पर पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी की बात सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह से कराई। वायरल वीडियो में पटवारी ने सीएसपी को धमकाते हुए कहा कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो वह 50 हज़ार लोगों के साथ सतना पहुँचेंगे। पटवारी ने सीएसपी पर ‘सांसद की नौकरी करने’ का आरोप भी लगाया।
- पुलिस का जवाब: सीएसपी डीपी सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, और नई भारतीय न्याय संहिता के तहत जांच के लिए 15 दिन की अवधि का प्रावधान है।
भाजपा भी मैदान में उतरी
पीसीसी चीफ और सीएसपी के बीच बातचीत का वीडियो वायरल होने के बाद, भाजपाई भी लामबंद हो गए।
- भाजपा का घेराव: कांग्रेस के बाद, भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी कोलगवां थाने का घेराव किया और सीएसपी को ज्ञापन सौंपा।
- मांग: भाजपाइयों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए, थप्पड़कांड की शुरुआत में ‘चालक की लापरवाही’ का आरोप लगाते हुए उस पर भी कार्रवाई की मांग की है।
इस थप्पड़कांड ने सतना की राजनीति में उबाल ला दिया है, जहाँ भाजपा और कांग्रेस अब सीधे आमने-सामने आ गई हैं।








