उमरिया: मध्य प्रदेश, जिसे ‘टाइगर स्टेट’ कहा जाता है, वहाँ वन्यजीवों की मौत के मामले थम नहीं रहे हैं। बालाघाट में एक बाघ की मौत के ठीक दूसरे दिन, शनिवार को उमरिया जिले के जंगल में एक और नर बाघ का शव संदिग्ध हालत में मिलने से हड़कंप मच गया है। पिछले $72$ घंटों में यह दूसरी बाघ की मौत का मामला है।
उमरिया में नर बाघ का संदिग्ध शव
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स्थान: उमरिया जिले के सामान्य वन मंडल अंतर्गत आने वाले चंदिया रेंज के चंदिया बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ $10$, कथली नदी के किनारे (नेशनल हाईवे $43$ के निकट)।
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स्थिति: शनिवार सुबह एक वयस्क नर बाघ का शव संदिग्ध हालत में मिला।
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शुरुआती आशंका: शुरुआती तौर पर बाघ की मौत स्वभाविक नहीं लग रही है, बल्कि शिकार या ज़हर खुरानी की आशंका जताई जा रही है।
वन विभाग में हड़कंप और जांच
इस मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया:
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घेराबंदी: वन विभाग का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी।
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सर्चिंग: जंगल में आसपास के इलाके में सर्चिंग की गई है और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है।
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जांच उपकरण: संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग वन्य प्राणी चिकित्सक टीम और डॉग स्क्वाड का इंतजार कर रहा था।
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मौत का कारण: शव का पोस्टमार्टम (PM) होने के बाद ही बाघ की मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
वन्य विभाग पर उठे सवाल
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बाघ गणना के बीच मौत: यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इन दिनों बाघों की गणना (Tiger Census) की जा रही है और जंगल में कर्मचारी फैले हुए हैं।
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कम क्षेत्र, फिर भी लापरवाही: यह बाघ का शव उमरिया सामान्य वन मंडल के छोटे क्षेत्र में पाया गया है, जबकि वन अमला काफी बड़ा है। ऐसी स्थिति में बाघ की मौत होना संदिग्ध होने के साथ ही वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।








