शहडोल। जिले के धुरवार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential School) के छात्रावास में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बुधवार सुबह की गणना (Attendance) के दौरान 11वीं कक्षा के दो छात्र गायब मिले। छात्रावास अधीक्षक की शिकायत पर सोहागपुर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र के प्रतिष्ठित स्कूल से बच्चों के गायब होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

न्यूज़ हेडलाइंस
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रहस्यमय गुमशुदगी: रात की गणना में मौजूद थे छात्र, सुबह बिस्तर मिले खाली।
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पुलिस एक्शन: डीएसपी मुख्यालय के निर्देश पर सोहागपुर थाने में अपहरण की FIR दर्ज।
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परिजनों का आक्रोश: गेट बंद होने और गार्ड की तैनाती के बावजूद बच्चे कैसे निकले बाहर?
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विभागीय जांच: एसी ट्राइबल ने दिए जांच के आदेश; छात्रों की लोकेशन मिलने का दावा।
गणना के दौरान खुला राज: ‘गायब मिले दो साथी’
छात्रावास अधीक्षक (वार्डन) अरुण कुमार के अनुसार, मंगलवार रात की गिनती के समय सभी छात्र अपने कमरों में मौजूद थे।
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बुधवार सुबह: जब सुबह के समय बच्चों की संख्या गिनी गई, तो कक्षा 11वीं के दो छात्र कम पाए गए।
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तलाशी अभियान: हॉस्टल परिसर और आसपास के क्षेत्र में खोजबीन के बाद जब बच्चे नहीं मिले, तो इसकी सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों और पुलिस को दी गई।
लोकेशन मिलने का दावा, जल्द होगी घर वापसी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसी ट्राइबल (AC Tribal) आनंद राय सिन्हा ने बताया कि बच्चों की लोकेशन ट्रैक कर ली गई है।
“विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है कि बच्चे हॉस्टल से बाहर कैसे निकले। हमारी टीम लोकेशन पर भेज दी गई है और जल्द ही बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा। इसके पीछे के कारणों का भी पता लगाया जाएगा।”
सुरक्षा पर सवाल: पहले भी लापता हो चुका है एक बच्चा
इस घटना ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
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पुराना मामला: शहडोल के हॉस्टल से पहले भी एक बच्चा लापता हुआ था, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
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लापरवाही का आरोप: परिजनों का कहना है कि भारी-भरकम स्टाफ और गेट पर सुरक्षा होने के बाद भी बच्चे गायब हो रहे हैं। क्या यह सुरक्षा में चूक है या कोई और बड़ी साजिश?
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कानूनी रुख: डीएसपी मुख्यालय राजेंद्र मोहन दुबे ने पुष्टि की है कि अधीक्षक की शिकायत पर धारा 363 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
अभिभावकों में दहशत का माहौल
पढ़ाई के लिए बच्चों को दूर-दराज से इस आवासीय विद्यालय में भेजने वाले अभिभावकों में अब अपनी संतानों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सख्त बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








