सीहोर, मध्य प्रदेश। सीहोर जिले के चरनाल गांव में गुरुवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम एक कथित ‘झोलाछाप’ डॉक्टर पर कार्रवाई करने पहुंची। ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्वास्थ्य विभाग की टीम का जोरदार विरोध किया और उन्हें डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं करने दी। ग्रामीणों के भारी आक्रोश के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम को बिना कार्रवाई किए बैरंग लौटना पड़ा।

सरकारी सुविधाओं की कमी पर फूटा गुस्सा
जानकारी के अनुसार, बीएमओ डॉ. नवीन मेहरा अपनी टीम के साथ चरनाल गांव में एक बंगाली डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का साफ आरोप है कि:
- “गांव के सरकारी अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है।”
- “सरकारी डॉक्टर न समय पर आते हैं और न ही समय पर मिलते हैं।”
- “झोलाछाप डॉक्टर ज़रूरत के समय और रात को भी तुरंत इलाज देते हैं।”
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि अगर सरकारी अस्पतालों में सही से इलाज मिलता, तो वे पैसे खर्च कर इन डॉक्टरों से इलाज नहीं करवाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं होती, तब तक इन डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीणों के भारी विरोध और आक्रोश को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग की टीम को मजबूरन कदम पीछे खींचने पड़े और बिना कार्रवाई किए गांव से वापस जाना पड़ा।









