होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म
गूगल न्यूज़ में हमारे साथ जुड़ें

अतिथि शिक्षकों का ‘हल्ला बोल’: 31 जनवरी को भोपाल में महाआंदोलन; शिक्षा मंत्री के बयानों ने सुलगाई गुस्से की चिंगारी

भोपाल (मध्य प्रदेश):मध्य प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों ने अपनी उपेक्षा और सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

भोपाल (मध्य प्रदेश):मध्य प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों ने अपनी उपेक्षा और सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। ‘अतिथि शिक्षक समन्वय समिति’ की बैठक में निर्णय लिया गया है कि आगामी 31 जनवरी 2026 को राजधानी भोपाल की सड़कों पर एक विशाल महाआंदोलन किया जाएगा। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार ने न केवल उनके नियमितीकरण के वादे भुला दिए, बल्कि शिक्षा मंत्री के बयानों ने उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाई है।

MP Guest Teachers

शिक्षा मंत्री के बयानों से भड़का आक्रोश

नाराजगी की मुख्य वजह स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के वे बयान हैं, जिन्हें शिक्षक ‘संवेदनहीन’ मान रहे हैं। विधानसभा में मंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अतिथि शिक्षकों को विभागीय परीक्षा और बोनस अंक देने जैसी जो घोषणाएं की गई थीं, उन्हें पूरा करना फिलहाल संभव नहीं है। शिक्षकों का तीखा सवाल है— “जब प्रदेश में सरकार नहीं बदली, तो वादे क्यों बदल दिए गए?”

31 जनवरी से पहले ‘शक्ति प्रदर्शन’ का रोडमैप

अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना बनाई है:

  • 25 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026: प्रदेश के सभी संभागों में सम्मेलन आयोजित कर शिक्षकों को एकजुट किया जाएगा।

  • 31 जनवरी 2026: प्रदेशभर के हजारों शिक्षक भोपाल पहुंचकर सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन करेंगे।

17 साल की सेवा और भविष्य का संकट

शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 15-17 वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं। कैबिनेट के नए निर्णयों ने उनके भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।

प्रमुख मांगें:

  1. ‘अंशकालीन’ व्यवस्था को खत्म कर ‘संविदा शिक्षक’ का दर्जा दिया जाए।

  2. पूर्व में की गई घोषणाओं के अनुसार विभागीय परीक्षा और बोनस अंक प्रदान किए जाएं।

  3. वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को सेवा से बाहर न किया जाए।

“मुख्यमंत्री जी! अपनी अनुशंसा याद कीजिए”

संगठन के पदाधिकारियों ने याद दिलाया कि वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब विधायक थे, तब उन्होंने स्वयं अतिथि शिक्षकों को संविदा बनाने की अनुशंसा की थी। अब जब वे प्रदेश के मुखिया हैं, तो शिक्षक उनसे न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

×

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram

Home

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram