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भोपाल से अन्य शहरों तक ‘भ्रष्टाचार की सड़क’ धंसी: करोड़ खर्च के बावजूद मध्य प्रदेश में बदहाल सड़कें, CM ने दिए जाँच के आदेश

भोपाल: राजधानी भोपाल के सूखी सेवनिया इलाके में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब भोपाल-विदिशा रोड (NH-46) पर बनी सड़क ...

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| सतना टाइम्स

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भोपाल: राजधानी भोपाल के सूखी सेवनिया इलाके में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब भोपाल-विदिशा रोड (NH-46) पर बनी सड़क का लगभग 50 मीटर हिस्सा अचानक धंस गया और फीट गहरा गड्ढा बन गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब सड़क पर कोई वाहन नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। इस घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और व्याप्त भ्रष्टाचार को सवालों के घेरे में ला दिया है।


राजधानी में ढहा का पुल, जाँच के घेरे में ‘ट्रांन्सट्राय प्राइवेट लिमिटेड’

सड़क धंसने की घटना रेलवे ट्रैक के ऊपर बने एक पुल के पास हुई। जानकारी के अनुसार, यह पुल में मेसर्स ट्रॉन्सट्राय प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मॉडल पर बनाया गया था। कंपनी पर अनुबंध की शर्तों का पालन न करने का आरोप था, जिसके चलते में इसका कॉन्ट्रैक्ट निरस्त कर दिया गया था।स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था, जिसके चलते अब ऐसी दुर्घटनाएँ हो रही हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने इसे ‘जनता के टैक्स की बर्बादी’ बताते हुए वर्षों की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए उच्च-स्तरीय जाँच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल जाँच के आदेश दिए हैं। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) ने एक हाई-लेवल जाँच कमेटी का गठन किया है, जिसमें बीएस मीणा (चीफ इंजीनियर) अध्यक्ष होंगे। यह टीम सड़क धंसने के कारणों की जाँच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इलाके को तुरंत बैरिकेड कर आवागमन रोक दिया है और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश की सड़कों का हाल: करोड़ खर्च, फिर भी जर्जर

भोपाल की घटना सिर्फ एक उदाहरण है। प्रदेशभर में सड़कों की बदहाली और निर्माण में भ्रष्टाचार की व्यापक शिकायतें सामने आ रही हैं:

  • इंदौर: करोड़ों की लागत से बना सुपर कॉरिडोर तीन बार मरम्मत के बाद भी जर्जर है। BRTS रोड पर रोज़ाना दुर्घटनाएँ हो रही हैं।
  • ग्वालियर: बारिश में सड़कें झील बन जाती हैं। गोला का मंदिर से शिंदे की छावनी तक गड्ढों से वाहन चालकों की जान जोखिम में है।
  • जबलपुर: दो साल पुरानी सड़कें बार-बार उखड़ रही हैं, और पुल-पुलिया ढहना आम बात हो गई है।
  • ग्रामीण सड़कें: सागर, दमोह से लेकर रीवा, सतना तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में ठेकेदारों की मनमानी और भ्रष्टाचार ने सड़कों को पूरी तरह तोड़ दिया है।

चौंकाने वाले आँकड़े और भ्रष्टाचार के आरोप

से तक मध्य प्रदेश सरकार ने सड़क निर्माण पर करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। लेकिन RTI से खुलासा हुआ है कि ग्रामीण सड़कें दो साल से पहले ही उखड़ गईं। सड़क निर्माण के टेंडर एक ही ठेकेदार समूह को दिए गए, जिससे भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की बू आ रही है। लोकायुक्त और ने सात जिलों में सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं की पुष्टि की है।

जनता सवाल कर रही है कि जब राजधानी में ही सड़कें इस हाल में हैं, तो गाँवों और कस्बों का क्या हाल होगा? मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी ‘डबल इंजन सरकार’ को इस खिलवाड़ का जवाब देना होगा कि सड़क निर्माण का पैसा जनता की सुविधा में गया या भ्रष्टाचारियों की जेब में।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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