नरसिंहपुर। जिले के सुप्रसिद्ध ‘कुसुम वैली’ होटल में हुई 80 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात की साजिश किसी बाहरी गैंग ने नहीं, बल्कि होटल के ही नाइट मैनेजर ने रची थी। पुलिस ने इस मामले में मैनेजर और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर 60 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
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मैनेजर की ‘फिल्मी’ साजिश: खुद पर भी करवाया हमला
नरसिंहपुर एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना के अनुसार, रात करीब ढाई बजे चार नकाबपोश लुटेरों ने होटल में घुसकर कर्मचारियों पर हमला किया और 80 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए थे। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर कुछ विसंगतियां नजर आईं।
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झूठा क्राइम सीन: आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक ‘फेक’ क्राइम सीन तैयार किया था।
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खुद बने शिकार: मैनेजर ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए अपने साथियों से खुद पर भी हमला करवाया था, ताकि पुलिस को लगे कि वह भी इस लूट का पीड़ित है।
भाड़े पर बुलाए थे जबलपुर के लुटेरे
पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने कड़ाई बरती, तो नाइट मैनेजर चंद्रेश रजक टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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साजिश की शुरुआत: चंद्रेश को पता था कि होटल में बड़ी रकम रखी है। उसने होटल के कर्मचारी राकेश शुक्ला और अनुज बाल्मिकी को लालच देकर साथ मिलाया।
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लोकल कॉन्टैक्ट: इन तीनों ने नरसिंहपुर के ही मोनू बंशकार से संपर्क किया।
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भाड़े के लुटेरे: मोनू ने जबलपुर से अपने तीन साथियों को बुलाया, जिन्होंने रात के अंधेरे में इस वारदात को अंजाम दिया।
60 लाख बरामद, बाकी की तलाश जारी
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 60 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है। जबलपुर निवासी तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया गया है और उनसे शेष राशि बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
एसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद से लुटेरों के मूवमेंट का पता चला। मैनेजर के बयानों में बार-बार हो रहे बदलाव ने पुलिस का शक पुख्ता कर दिया और अंततः पूरी साजिश बेनकाब हो गई।








