खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग शनिवार रात जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की दीवार पर लिखे हेल्पलाइन नंबर पर अपने मोबाइल से कॉल किया, लेकिन हर बार उन्हें एक ही जवाब मिला कि यह नंबर बंद है। इस लापरवाही पर मंत्री भड़क गए और उन्होंने आउटसोर्स कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
नंबर डायल करते ही खुली पोल
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घटना: प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग रात में जिला अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे।
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निरीक्षण: उन्होंने दीवार पर लिखे हेल्पलाइन नंबर को देखा और खुद अपने मोबाइल से उसे डायल कर दिया।
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लापरवाही: नंबर बंद होने पर उन्होंने सिविल सर्जन और सीएमएचओ से सवाल किया, “जब यह नंबर बंद है तो इसके लिखने का क्या फायदा?”
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अधिकारियों का जवाब: अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था को एक आउटसोर्स कंपनी देखती है।
कलेक्टर को दिए सख्त निर्देश
हेल्पलाइन नंबर बंद मिलने और आउटसोर्स कंपनी के अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराज होकर मंत्री विश्वास सारंग ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए:
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निर्देश: उन्होंने खरगोन जिला कलेक्टर भव्या मित्तल को आउटसोर्स कंपनी पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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सजा: मंत्री ने कहा कि यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो आउटसोर्स कंपनी की सेवाएं तुरंत टर्मिनेट (समाप्त) कर दी जाएं।
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उद्देश्य: मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं सुचारू हों, यह आवश्यक है और इसीलिए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने इस दौरान मरीजों से मिलकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अस्पताल की साफ-सफाई पर संतोष व्यक्त किया।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रभारी मंत्री ने जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता भी की और मोहन सरकार के 2 साल पूरे होने पर चर्चा की। दूसरी ओर, जिला कांग्रेस ने मंत्री के दौरे पर सवाल उठाते हुए उनसे किसानों को खाद, फसलों के उचित दाम, सिंचाई के लिए बिजली और जनता से किए गए वादों के बारे में जवाब मांगा।








