शिवपुरी (करैरा)। शिवपुरी के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 16 अप्रैल को अपनी काली थार से 5 लोगों को टक्कर मारने के मामले में रविवार को पुलिस ने दिनेश को करैरा थाने में तलब किया। एसडीओपी आयुष जाखड़ और थाना प्रभारी ने आरोपी से बंद कमरे में घंटों सवाल-जवाब किए। पुलिस आरोपी को उस जगह भी लेकर गई जहाँ यह हादसा हुआ था, ताकि टक्कर की असली वजह और गति का अंदाजा लगाया जा सके।

न्यूज़ हेडलाइंस
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आरोपी का तर्क: “गलती मेरी नहीं थी, मैंने हॉर्न और सायरन दिया था पर लोग रास्ते से नहीं हटे।”
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पुलिस की कार्रवाई: पूछताछ के बाद थार का निरीक्षण; हूटर और काली फिल्म मिलने पर लगाया गया भारी जुर्माना।
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ग्राउंड रिपोर्ट: आरोपी को घटना स्थल पर ले जाकर पुलिस ने समझा पूरा घटनाक्रम।
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मेडिकल रिपोर्ट: घायलों का परीक्षण पूरा, सभी को सामान्य चोटें आने की पुष्टि।
कैसे हुआ था यह हादसा?
यह घटना 16 अप्रैल की शाम करैरा पुलिस सहायता केंद्र के पास हुई थी।
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तेज रफ्तार का कहर: फरियादी संजय परिहार के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ बाइक से जा रहा था। उनके आगे सीता वर्मा और पूजा सोनी पैदल चल रही थीं।
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लापरवाही: पीछे से आई तेज रफ्तार काली थार ने पहले दोनों महिलाओं को और फिर बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कुल 5 लोग घायल हुए थे।
हूटर और काली फिल्म पर भी ‘एक्शन’
जांच के दौरान पुलिस ने जब दिनेश लोधी की थार गाड़ी का मुआयना किया, तो उसमें नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं:
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अवैध हूटर: विधायक पुत्र की गाड़ी में सायरन/हूटर लगा पाया गया।
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काली फिल्म: गाड़ी के शीशों पर प्रतिबंधित काली फिल्म चढ़ी हुई थी।
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चालान: पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत थार का अलग से चालान भी काटा है।
सियासी रसूख बनाम कानून
विपक्षी दल और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। हालांकि, विधायक प्रीतम लोधी ने पहले ही कहा था कि कानून अपना काम करेगा। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या टक्कर जानबूझकर मारी गई थी या यह महज एक दुर्घटना थी। पुलिस ने घायलों के बयान भी दर्ज किए हैं, जो दिनेश लोधी के दावों (हॉर्न बजाने की बात) से अलग हो सकते हैं।
खबर का सारांश
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आरोपी: दिनेश लोधी (विधायक प्रीतम लोधी का पुत्र)।
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वाहन: काले रंग की थार (काली फिल्म और हूटर युक्त)।
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घटना: 16 अप्रैल, करैरा पुलिस सहायता केंद्र के पास।
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जांच अधिकारी: एसडीओपी आयुष जाखड़।








