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SUPREME COURT VERDICT: बरोदिया-नौनागिर कांड की होगी CBI जांच; SC ने MP पुलिस के तर्कों को किया खारिज, पूर्व गृहमंत्री की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

भोपाल/सागर। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए सागर जिले के खुरई तहसील में हुए नीलेश अहिरवार, उसके चाचा ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल/सागर। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए सागर जिले के खुरई तहसील में हुए नीलेश अहिरवार, उसके चाचा की हत्या और बहन अंजना अहिरवार की संदिग्ध मौत के मामले में CBI जांच के आदेश जारी किए हैं। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने माना कि एक साल के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत एक गंभीर विषय है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई बहस?

अदालत में करीब आधे घंटे चली बहस के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से सरकारी वकीलों ने कई तथ्य रखे, लेकिन कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ।

  • संदेह के घेरे में पुलिस: याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि अंजना अहिरवार की मौत से ठीक पहले उसकी पुलिस सुरक्षा हटा दी गई थी और घटनास्थल के पास के सीसीटीवी कैमरे भी बंद मिले थे।

  • पक्षपात का आरोप: पीड़ित पक्ष के वकीलों का तर्क था कि चूंकि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन आरोपियों के प्रति नरम रुख रखते हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच की उम्मीद केवल केंद्रीय एजेंसी से ही की जा सकती है।

पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप

यह मामला राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है।

  • संरक्षण के आरोप: पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह और स्थानीय रसूखदार लोग आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं।

  • विवाद की जड़: मामला अंजना अहिरवार के साथ हुई छेड़छाड़ से शुरू हुआ था। राजीनामा न करने पर भाई नीलेश की हत्या हुई, फिर चाचा की और अंत में अंजना की एम्बुलेंस से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हालांकि पूर्व मंत्री का नाम सीधे तौर पर FIR में नहीं है, लेकिन CBI जांच के दायरे में आने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

CBI को मिले कड़े निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए समय-सीमा तय कर दी है:

  • प्रारंभिक जांच: CBI को तत्काल मामले की प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) शुरू करनी होगी।

  • डेडलाइन: कोर्ट ने CBI को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

बरोदिया-नौनागिर: खौफ की दास्तां

  • अगस्त 2023: छेड़छाड़ के मामले में समझौता न करने पर नीलेश अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

  • मई 2024: गवाही देने जा रहे चाचा की हत्या हुई और इसी दौरान बहन अंजना अहिरवार की एम्बुलेंस से गिरकर मौत हो गई, जिसे पुलिस ‘हादसा’ और परिजन ‘हत्या’ बता रहे हैं।

मामले की प्रमुख बातें

  1. जांच एजेंसी: CBI (सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर)।

  2. समयावधि: 2 महीने में प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करनी होगी।

  3. मुख्य चिंता: एक साल में एक ही परिवार की 3 मौतें और गायब CCTV फुटेज।

  4. सियासी असर: पूर्व गृहमंत्री पर लग रहे संरक्षण के आरोपों की अब बारीकी से जांच होगी।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें