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AG ऑफिस ग्वालियर में हड़कंप: 100 से अधिक कर्मचारियों के थोकबंद तबादले, 15 ने कोर्ट में दी चुनौती!

ग्वालियर (म.प्र.): एजीएमपी (AGMP) के ग्वालियर स्थित ऑफिस में प्रशासनिक कसावट के नाम पर किए गए थोकबंद तबादलों ने कर्मचारियों के बीच ...

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| सतना टाइम्स

ग्वालियर (म.प्र.): एजीएमपी (AGMP) के ग्वालियर स्थित ऑफिस में प्रशासनिक कसावट के नाम पर किए गए थोकबंद तबादलों ने कर्मचारियों के बीच दहशत पैदा कर दी है। जानकारी के अनुसार, 100 से अधिक कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है, हालांकि बाद में कई कर्मचारियों के ट्रांसफर रद्द भी किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।


15 कर्मचारी पहुँचे कैट जबलपुर

  • कोर्ट में चुनौती: तबादला आदेश से प्रभावित 15 कर्मचारियों ने इन आदेशों के खिलाफ कैट (CAT) जबलपुर कोर्ट में याचिका दायर की है।
  • अंतिम सुनवाई की तारीख: इस मामले की अंतिम सुनवाई 18 नवंबर को होनी है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि कोर्ट से उन्हें ‘स्टे मिल सकता है और फिलहाल ट्रांसफर से राहत मिल सकती है।

कर्मचारी दहशत में, पारदर्शिता पर सवाल

  • नए पीएजी का प्रभाव: कर्मचारियों का कहना है कि नए पीएजी विशाल बंसल के आने के बाद से वे काफी दहशत में हैं और पीएजी के हर आदेश को सिर झुकाकर स्वीकार कर रहे हैं।
  • छुट्टी के दिन भी ड्यूटी: सूत्रों के अनुसार, जहां एजी ऑफिस का वर्किंग डे सोमवार से शुक्रवार होता है, वहीं आजकल कर्मचारियों को अवकाश के दिन (शनिवार और रविवार) को भी ऑफिस बुलाया जा रहा है।
  • व्यक्तिगत मेल की प्रक्रिया: तबादला आदेश जारी करने से पहले कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से मेल भेजकर आपत्ति मांगी गई, जबकि CAG की ट्रांसफर पॉलिसी में ऐसी प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है।

ट्रांसफर पॉलिसी के नियमों की अनदेखी

कर्मचारियों के थोकबंद तबादलों में सामान्य ट्रांसफर पॉलिसी के कई नियमों को नजरअंदाज करने की बात सामने आई है:

  • पति-पत्नी नियम की अनदेखी: एक महिला कर्मचारी का भी ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि उनके पति ग्वालियर में ही दूसरे डिपार्टमेंट में सर्विस में हैं। ट्रांसफर पॉलिसी का सामान्य नियम पति-पत्नी को एक ही शहर में रहने या छूट देने का प्रावधान करता है।
  • स्वास्थ्य को किया दरकिनार: कर्मचारियों के माता-पिता के खराब स्वास्थ्य से संबंधित अपीलों को भी इन ट्रांसफर्स में दरकिनार कर दिया गया।
  • बिना डिमांड ट्रांसफर: सूत्रों का कहना है कि एजीएमपी के भोपाल ऑफिस से कर्मचारियों की कोई डिमांड नहीं आई थी, फिर भी बड़ी संख्या में ट्रांसफर किए गए।

ट्रांसफर बोर्ड हुआ औपचारिक

एजीएमपी कर्मचारियों के मुताबिक, यूं तो ट्रांसफर पॉलिसी बोर्ड के द्वारा तबादले किए जाते हैं, लेकिन कार्यालय में बोर्ड की कार्यशैली औपचारिक रह गई है। सभी फैसले पीएजी सेक्शन के आदेश पर हो रहे हैं। कई कर्मचारियों ने जॉइनिंग देकर छुट्टी ले ली है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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