नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में साइबर सुरक्षा में सेंध लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने ठेमी क्षेत्र के बढ़ेयाखेड़ा निवासी रंजीत सिंह पटेल को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी दस्तावेजों और अपनी चालाकी से 777 सिम कार्ड एक्टिवेट कर लिए। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने सिम एक्टिवेशन की ‘फेशियल ऑथेंटिकेशन’ प्रक्रिया में हर बार अपना ही चेहरा इस्तेमाल किया, जिसे सिस्टम पकड़ने में नाकाम रहा।

न्यूज़ हेडलाइंस
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डिजिटल सेंधमारी: दूसरों के आधार कार्ड और खुद के चेहरे का इस्तेमाल कर बनाया सिम का जखीरा।
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सिस्टम फेलियर: सिम एक्टिवेशन के दौरान फेशियल रिकग्निशन तकनीक को रंजीत ने दी मात।
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साइबर खतरा: आशंका है कि इन 777 सिम कार्डों का इस्तेमाल देशव्यापी ऑनलाइन ठगी में होना था।
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पुलिस एक्शन: धोखाधड़ी और IT एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज; बड़े रैकेट की तलाश जारी।
कैसे काम करता था ‘फर्जी सिम’ का यह खेल?
आरोपी रंजीत सिंह पटेल ने टेलीकॉम कंपनियों की सुरक्षा प्रक्रिया की एक बड़ी खामी को हथियार बनाया:
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फर्जी दस्तावेज: आरोपी पहले ग्रामीण या अनजान लोगों के आधार कार्ड और पहचान पत्र हासिल करता था।
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अपना चेहरा, दूसरों की ID: सिम एक्टिवेट करते समय जब ऐप या सॉफ्टवेयर ‘फेशियल ऑथेंटिकेशन’ (लाइव फोटो) मांगता, तो वह आधार कार्ड तो दूसरे का लगाता, लेकिन कैमरा अपने चेहरे की ओर कर देता था।
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सिस्टम का धोखा: तकनीकी खराबी या सिस्टम की कमजोरी के कारण यह प्रक्रिया बार-बार सफल होती गई और उसने इस तरह 777 सिम चालू कर लीं।
बड़े साइबर रैकेट की आशंका
पुलिस को संदेह है कि रंजीत सिंह महज एक मोहरा है और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है।
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ऑनलाइन ठगी: आमतौर पर इतनी बड़ी संख्या में फर्जी सिम का इस्तेमाल बैंकिंग फ्रॉड, हनीट्रैप या फिशिंग अटैक के लिए किया जाता है।
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जांच का दायरा: पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये सिम कार्ड किन-किन राज्यों में सप्लाई किए गए और फिलहाल इन्हें कौन इस्तेमाल कर रहा है।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस की अपील
नरसिंहपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 468, 471 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
“आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे बड़े रैकेट का खुलासा होने की संभावना है। यह सीधे तौर पर साइबर फ्रॉड से जुड़ा मामला है। हमने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है।”
— पुलिस अधिकारी, नरसिंहपुर
सावधानी बरतें: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपना आधार कार्ड या ओटीपी (OTP) किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। सिम कार्ड हमेशा अधिकृत स्टोर से ही लें और समय-समय पर यह जांचते रहें कि आपके नाम पर कितनी सिम चल रही हैं।








