भोपाल/शिवपुरी। शिवपुरी के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। अपने बेटे द्वारा थार कार से किए गए एक्सीडेंट के बाद पुलिस अधिकारी को धमकाने वाले उनके वीडियो को भाजपा ने अनुशासनहीनता माना है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ हेडलाइंस
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पार्टी की सख्ती: “आपका आचरण पार्टी अनुशासन के खिलाफ और अत्यंत आपत्तिजनक है”— प्रदेशाध्यक्ष का कड़ा रुख।
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विवाद की जड़: करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ को घर गोबर से भरने और “करैरा डैडी का नहीं है” जैसी धमकियां देना।
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पुत्र मोह: थार एक्सीडेंट मामले में बेटे से पूछताछ पर भड़के थे विधायक।
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IPS एसोसिएशन का दबाव: पुलिस अधिकारियों की नाराजगी के बाद पार्टी ने लिया एक्शन।
‘थार कांड’ से शुरू हुआ विवाद
इस पूरे बवाल की शुरुआत 16 अप्रैल को हुई थी, जब विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने बिना नंबर की थार कार (जिस पर विधायक लिखा था) से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी।
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हवाबाजी: एक्सीडेंट के बाद दिनेश ने लोगों और पुलिसकर्मियों को अपने पिता के नाम की धमकियां दी थीं।
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SDOP की पूछताछ: जब एसडीओपी आयुष जाखड़ ने दिनेश को थाने बुलाकर पूछताछ की, तो प्रीतम लोधी आपा खो बैठे।
वीडियो में दी थी ‘ढाई सौ किलो के हाथ’ की धमकी
विधायक ने एक के बाद एक दो वीडियो जारी किए, जिसने आग में घी का काम किया:
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पहला वीडियो: “करैरा तुम्हारे डैडी का नहीं है… मेरा बेटा यहाँ आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा।”
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दूसरा वीडियो: “एसडीओपी के घर को गोबर से भर दूँगा… मेरा हाथ अब ढाई किलो का नहीं, ढाई सौ किलो का हो गया है।”
इन बयानों के बाद आईपीएस एसोसिएशन ने सख्त नाराजगी जताई थी, जिसके बाद सरकार और संगठन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
बीजेपी के नोटिस में क्या है?
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते मर्यादित आचरण अनिवार्य है। पुलिस अधिकारी को सार्वजनिक रूप से धमकाना और अभद्र भाषा का प्रयोग करना पार्टी की छवि को धूमिल करता है। विधायक को अब 72 घंटे के भीतर यह बताना होगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
खबर का सारांश
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विधायक: प्रीतम लोधी (पिछोर, शिवपुरी)।
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मामला: पुलिस अधिकारी (SDOP) को धमकी और अमर्यादित आचरण।
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नोटिस जारीकर्ता: हेमंत खंडेलवाल (भाजपा प्रदेशाध्यक्ष)।
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डेडलाइन: 3 दिन (72 घंटे)।








