होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

MP के स्कूल की शर्मनाक तस्वीर: बर्तन न धोने पड़ें, इसलिए रद्दी के कागज पर बच्चों को परोसा मिड-डे मील!

श्योपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को खाना खिलाने में घोर लापरवाही और ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

श्योपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को खाना खिलाने में घोर लापरवाही और मनमानी का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। विजयपुर क्षेत्र के हुल्लपुर माध्यमिक शाला में बच्चों को थाली की जगह रद्दी के कागजों पर भोजन परोसकर खिलाया जा रहा था। इस पूरी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई की गई है।

बर्तन मांजने से बचने के लिए कागज़ पर परोसा भोजन

यह मामला 4 नवंबर को सामने आया, जब वायरल वीडियो में मासूम बच्चे जमीन पर बैठकर रद्दी के कागजों पर रखे चावल और सब्जी खाते दिखाई दिए। जाँच में पता चला कि भोजन उपलब्ध कराने वाले स्वयं सहायता समूह के कर्मचारियों ने बर्तन न मांजने पड़ें, इसलिए यह घोर लापरवाही की। समूह ने सफाई दी कि उनके 5 सदस्यों में से 2 बाहर थीं, और शेष 3 महिलाएं पिछले सात दिन से काम कर रही थीं। इसी कारण बर्तन धोने से बचने के लिए कागज पर खाना खिलाया जा रहा था।

स्कूल स्टाफ की भी लापरवाही

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) हरिशंकर गर्ग की जांच रिपोर्ट में स्कूल के शिक्षकों की भी लापरवाही सामने आई, जिन्होंने समूह की इस मनमानी को होने दिया।

कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

मामला सामने आते ही, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है और बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

की गई कार्रवाई:

  • मिड-डे मील बनाने वाले स्वयं सहायता समूह का अनुबंध तत्काल समाप्त कर दिया गया है।
  • स्कूल के प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।
  • दो अन्य शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग ने बताया कि प्रारंभिक जांच में समूह और स्कूल स्टाफ दोनों की लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने यह भी हिदायत दी है कि सभी स्कूलों और आंगनबाड़ियों में मिड-डे मील वितरण की नियमित निगरानी की जाए।


 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें