मध्य प्रदेश में जारी गैस संकट अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। शाजापुर जिले के शुजालपुर में घरेलू और कमर्शियल गैस की किल्लत के खिलाफ कांग्रेस ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बीच चौराहे पर चूल्हा जलाकर और खाली सिलेंडर को माला पहनाकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शुजालपुर में गैस सिलेंडर की भारी कमी और लंबी वेटिंग लिस्ट के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार पर आम जनता को लाइनों में खड़ा करने का आरोप लगाया।

अनोखा प्रदर्शन: सिलेंडर को पहनाई माला
शुजालपुर के पुलिस चौकी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाया:
-
चूल्हा जलाया: कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर लकड़ियां इकट्ठा कर चूल्हा जलाया, यह दिखाने के लिए कि गैस न होने से जनता अब पुराने दौर में लौट रही है।
-
सिलेंडर को श्रद्धांजलि: एक खाली गैस सिलेंडर पर फूल-माला चढ़ाकर उसे ‘श्रद्धांजलि’ दी गई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
आम जनता और व्यापारियों की मुश्किलें
युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष चिराग परमार ने प्रदर्शन के दौरान शहर की बदहाली का जिक्र किया:
-
भोजन का संकट: होटलों और रेस्टोरेंट में तवा रोटी मिलना बंद हो गई है। टिफिन सेंटर भी सिलेंडर न मिलने के कारण बंद हो रहे हैं, जिससे बाहर से आकर रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों को खाना नहीं मिल पा रहा है।
-
शादी समारोह प्रभावित: शादियों के सीजन में गैस न मिलने से हलवाई चूल्हे खोदकर खाना बनाने को मजबूर हैं।
-
8 दिन की वेटिंग: घरेलू गैस की होम डिलीवरी के लिए लोगों को 8-10 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रशासन के दावों पर जनता का पलटवार
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर ‘पर्याप्त उपलब्धता’ के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग नजर आ रही है:
-
सोशल मीडिया पर गुस्सा: जनसंपर्क विभाग द्वारा पोस्ट किए गए अधिकारियों के वीडियो पर लोग कमेंट कर पूछ रहे हैं— “अगर गैस है, तो हमारी बुकिंग क्यों नहीं हो रही?”
-
ऑनलाइन बुकिंग ठप: उपभोक्ताओं का आरोप है कि सर्वर डाउन होने या फोन कनेक्ट न होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है।
-
कालाबाजारी: लोगों ने मांग की है कि अधिकारी दफ्तरों से निकलकर फील्ड में आएं और ₹1500 तक में बिक रहे ब्लैक मार्केट के सिलेंडरों पर लगाम लगाएं।
प्रदर्शन के मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
| स्थान | शुजालपुर पुलिस चौकी चौराहा (शाजापुर) |
| मुख्य नारा | ‘नाम नरेंद्र, काम सरेंडर’ |
| समस्या | 8 दिन की वेटिंग, कमर्शियल सप्लाई बंद, ऑनलाइन सर्वर डाउन। |
| प्रभाव | होटल, टिफिन सेंटर और शादी समारोह बुरी तरह प्रभावित। |
निष्कर्ष: बढ़ता जनाक्रोश
शाजापुर का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि अगर जल्द ही गैस की किल्लत दूर नहीं हुई, तो प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जनता का गुस्सा फूट सकता है। प्रशासन के लिए अब केवल दावे करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि धरातल पर डिलीवरी सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।








