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सिवनी हवाला लूट कांड: 2 DSP, TI, कांस्टेबल और जीजा के ‘सिंडिकेट’ ने लिखी थी 3 करोड़ की लूट की स्क्रिप्ट; खिलौना कारोबारी की सूचना से शुरू हुआ पूरा रैकेट

सिवनी (मध्य प्रदेश)। सिवनी में हुए हाई-प्रोफाइल हवाला लूट कांड की जांच में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। एसआईटी की पड़ताल ...

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| सतना टाइम्स

सिवनी (मध्य प्रदेश)। सिवनी में हुए हाई-प्रोफाइल हवाला लूट कांड की जांच में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। एसआईटी की पड़ताल में अब यह बात सामने आई है कि इस गंभीर घटनाक्रम की शुरुआत एक खिलौना व्यापारी की सूचना से हुई, जिसने पुलिस के एक बड़े सिंडिकेट तक पहुंचने का रास्ता बनाया। इस मामले में अब तक दो डीएसपी, एक टीआई, एक कांस्टेबल समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें नवीनतम गिरफ्तारी डीएसपी पूजा पांडे के जीजा की है।

खिलौना कारोबारी ने कॉन्स्टेबल को दी थी सूचना

एसआईटी की जांच में पता चला है कि पूरे घटनाक्रम की शुरुआत निजी सूचनाकर्ता पंजू गिरी गोस्वामी (खिलौना व्यापारी) ने की थी।

  • शुरुआत: गोस्वामी की सूचना क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी तक पहुंची।

  • नेटवर्क विस्तार: यह सूचना धीरे-धीरे बालाघाट में तैनात हॉकफोर्स प्रभारी डीएसपी पंकज मिश्रा तक पहुंची और फिर डीएसपी पूजा पांडे और उनके पूरे नेटवर्क तक फैल गई।

  • खुलासा: एसआईटी का मानना है कि हवाला रकम के मूवमेंट की इस सूचना ने आरोपी पुलिस अधिकारियों और उनके सहयोगियों के बीच आपसी समन्वय का पूरा पैमाना खोल दिया है।

डीएसपी के जीजा भी गिरफ्तार: रकम ठिकाने लगाने में भूमिका

जांच के नवीनतम दौर में मंगलवार को एसआईटी ने डीएसपी पूजा पांडे के जीजा वीरेंद्र दीक्षित को भी गिरफ्तार किया।

  • भूमिका: वीरेंद्र जबलपुर में मेडिकल स्टोर संचालक हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि वह साली (पूजा पांडे) की गतिविधियों से परिचित थे और उन्होंने प्लान में शामिल होकर लूट की रकम के ठिकाने लगाने में भूमिका निभाई।

  • कड़ी कार्रवाई: इस संदिग्ध कड़ी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया है।

कैसे दिया गया लूट को अंजाम

एसआईटी की जांच से स्पष्ट हुआ है कि यह गंभीर लूटकांड 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात को हुआ था:

  • घटना: महाराष्ट्र के व्यापारी सोहनलाल परमार के दो ड्राइवर सतना से करीब 2.96 करोड़ रुपये लेकर जालना जा रहे थे।

  • रोकथाम: बंडोल थाना पुलिस ने उनकी कार को रोका। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ड्राइवरों को जंगल में ले जाकर पूछताछ की, रकम जब्त की और लगभग सवा करोड़ रुपये वापस देकर उन्हें छोड़ दिया।

  • शिकायत: महाराष्ट्र पहुंचने के बाद ड्राइवरों ने मालिक को सारी परिस्थिति बताई। इसके बाद सिवनी आने पर उन्हें थाने में बैठाकर बिना एफआईआर मारपीट और धमकाया गया। पीड़ित ने बाद में कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिससे मामला सार्वजनिक हुआ।

प्रारंभिक अनदेखी से लेकर उच्चस्तरीय जांच

शुरू में तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे ने लूट का होना ही नकार दिया था।

  • निलंबन और सस्पेंशन: मामला बढ़ने पर डीआईजी ने जांच के आदेश दिए। अनियमितताएं उजागर होने पर आईजी ने 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, और डीजीपी ने डीएसपी पूजा पांडे को सस्पेंड कर दिया।

  • जमानत याचिका: डीएसपी पूजा पांडे ने अपनी जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

एसआईटी की जांच अभी भी जारी है और वे सबूतों, बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल्स की गहन पड़ताल कर रहे हैं। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें