ग्वालियर। शहर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र की शिव कॉलोनी में बुधवार रात एक ऐसी घटना घटी जिसने पुलिस को भी चकरा दिया। एक युवक ने ट्रैक्टर की लाइट के मामूली विवाद में अपने ही दोस्त के सीने में गोली उतार दी और फिर बड़ी चालाकी से विरोधियों पर आरोप मढ़ दिया। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और CCTV फुटेज ने आरोपी के ‘मास्टरप्लान’ पर पानी फेर दिया।
ट्रैक्टर की लाइट से शुरू हुआ खूनी विवाद
घटना की शुरुआत शिव कॉलोनी में ट्रैक्टर की लाइट जलाने को लेकर हुई।
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कहासुनी से मारपीट: दो पक्षों के बीच शुरू हुई बहस देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
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फायरिंग: इसी दौरान एक पक्ष का युवक पोपट तोमर घर से कट्टा (तमंचा) निकाल लाया। उसने अपने विरोधियों को डराने के लिए गोली चलाई, लेकिन निशाना चूक गया और गोली उसके अपने ही साथी कालू साहू को जा लगी।
रची साजिश: खुद अस्पताल ले गया, फिर थाने पहुंचा
दोस्त को गोली लगने के बाद पोपट घबराया नहीं, बल्कि उसने इसे अवसर की तरह इस्तेमाल किया।
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फरियादी बना आरोपी: पोपट खुद घायल कालू को अस्पताल ले गया और फिर सीधे थाने जा पहुंचा।
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झूठा आरोप: उसने पुलिस को कहानी सुनाई कि उसके विरोधी शैलू गुर्जर और उसके साथियों ने कालू पर जानलेवा हमला किया है। वह चाहता था कि पुलिस उसके दुश्मनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दे।
CCTV ने उगल दिया सारा सच
पोपट की कहानी में कई झोल थे, जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ। जब पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।
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वीडियो साक्ष्य: फुटेज में साफ दिखा कि पोपट तोमर खुद हाथ में कट्टा लहरा रहा है और उसी की बंदूक से निकली गोली कालू को लगी है।
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गिरफ्तारी: सच सामने आते ही पुलिस ने पोपट तोमर को धर दबोचा। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और पुलिस को गुमराह करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
घायल की स्थिति
गोली लगने से घायल हुए कालू साहू का अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस अब इस मामले में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और विवाद में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।









