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SENSATION: जबलपुर RDVV की एआई कॉन्फ्रेंस में बवाल! ‘पुष्पक विमान’ और ‘संजीवनी’ के उदाहरणों पर भिड़े छात्र; ₹75 लाख के बजट पर भी उठे सवाल

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में ‘साइंस फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस विवादों के घेरे में आ गई है। ...

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| सतना टाइम्स

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में ‘साइंस फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस विवादों के घेरे में आ गई है। कॉन्फ्रेंस में शामिल रिसर्च स्कॉलर्स और छात्रों ने आरोप लगाया है कि एआई (Artificial Intelligence) की कोडिंग, एल्गोरिदम और भविष्य की चुनौतियों के बजाय सत्रों का बड़ा हिस्सा पौराणिक प्रसंगों की व्याख्या में बीत गया।

एआई कॉन्फ्रेंस या रामायण पाठ?

कॉन्फ्रेंस में शामिल छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर विषय से भटकने का आरोप लगाया है। चर्चा के दौरान यह सवाल प्रमुखता से उठाए गए:

  • पुष्पक विमान: एआई यह कैसे बता सकता है कि रावण का पुष्पक विमान किस तकनीक से उड़ता था?

  • संजीवनी बूटी: हनुमान जी संजीवनी बूटी की पहचान कैसे कर पाए और एआई इसमें कैसे मदद कर सकता है?

    छात्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में आधुनिक डेटा साइंस के बजाय ऐसे उदाहरणों पर समय नष्ट किया गया, जिनका वर्तमान एआई रिसर्च से सीधा संबंध स्पष्ट नहीं था।

मार्च क्लोजिंग’ और ₹75 लाख का बजट

विवाद केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लग रहे हैं:

सुविधाओं का अभाव, एआई पर चर्चा

विश्वविद्यालय के भीतर ही बुनियादी ढांचे को लेकर सवाल उठ रहे हैं:

विश्वविद्यालय प्रशासन की सफाई

चौतरफा घिरे विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कॉन्फ्रेंस में विज्ञान के सभी विषयों को समाहित किया गया था। प्राचीन भारतीय विज्ञान के उदाहरणों का उपयोग केवल आधुनिक अनुसंधान के साथ ‘कनेक्ट’ करने के लिए किया गया था। प्रबंधन ने बजट के दुरुपयोग के आरोपों को भी निराधार बताया है।


प्रमुख विवादित बिंदु 

  1. विषय: एआई तकनीक के बजाय पौराणिक प्रसंगों पर अत्यधिक चर्चा।

  2. फंडिंग: ₹75 लाख के बजट को ‘मार्च क्लोजिंग’ के दबाव में खर्च करने का आरोप।

  3. तैयारी: अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का ब्रोशर महज 3 दिन पहले जारी होना।

  4. इंफ्रास्ट्रक्चर: विवि में खराब कंप्यूटर और इंटरनेट के बीच हाई-टेक सम्मेलन का विरोधाभास।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें