भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी के भेल दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन में ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने पंचायत सचिवों की तुलना ‘हनुमान’ से करते हुए उनके लिए 7वें वेतनमान और सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के आदेशों पर मुहर लगा दी है।
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सचिवों के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं:
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रिटायरमेंट आयु में वृद्धि: पंचायत सचिवों की सेवानिवृत्ति की आयु अब 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है।
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7वां वेतनमान: सचिवों को अब 7वें वेतनमान का लाभ मिलेगा, जिसके आदेश जारी हो चुके हैं।
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अनुकंपा नियुक्ति में राहत: सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की सहायता राशि अब अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी।
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विशेष भत्ता: सचिवों को जल्द ही विशेष भत्ते का लाभ भी दिया जाएगा।
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वेतन विसंगति समिति: वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों में सुधार के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा।
“हनुमान की तरह योजनाओं को जमीन पर उतारते हैं सचिव”
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा, “जैसे रामराज में हनुमान की भूमिका महत्वपूर्ण थी, वैसे ही पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव हनुमान की तरह काम करते हैं। प्रधानमंत्री आवास हो या अन्य कोई सरकारी योजना, उसे धरातल पर उतारने की पूरी जिम्मेदारी सचिव निभाते हैं।”
2026 होगा ‘कृषि कल्याण वर्ष’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालन और लघु उद्योगों को मिलेगा।
पंचायतों का सशक्तिकरण
सरकार ने पंचायतों को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:
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बजट में वृद्धि: सरपंचों को अब 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों को स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है।
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आधुनिक संसाधन: पंचायत सचिवों के लिए जिला स्तर पर कैडर का गठन और डिजिटल इंडिया के तहत तकनीकी संसाधनों से लैस किया जा रहा है।
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मानदेय में वृद्धि: पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और वाहन भत्तों में भी इजाफा किया गया है।
“भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर गांवों का विकास होगा, तो देश अपने आप आगे बढ़ेगा। पंचायत सचिव इस विकास की धुरी हैं।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, म.प्र.








