Satna Fertilizer shortage :मध्यप्रदेश के सतना जिले में खाद संकट लगातार गहराता जा रहा है। किसान अपने खेतों के लिए खाद की बोरियों के इंतजार में दिन-रात लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। हालात इतने खराब हैं कि महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर घंटों कतार में खड़ी रहती हैं, लेकिन शाम तक भी खाली हाथ लौट जाती हैं।

इसी गंभीर मुद्दे को उठाते हुए किसान कांग्रेस के बुंदेलखंड प्रभारी और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव आशुतोष द्विवेदी ने मुख्यमंत्री के नाम खून से खत लिखकर अपनी पीड़ा और किसानों की व्यथा को व्यक्त किया है।
सिरिंज से निकाला खून, फिर लिखा खत
जानकारी के अनुसार, आशुतोष द्विवेदी ने सिरिंज से अपना खून निकलवाकर कांग्रेस लेटरपैड पर मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार बार-बार दावा करती है कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तो फिर जिले के किसानों तक खाद क्यों नहीं पहुंच पा रही है? पत्र लिखकर उन्होंने मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर को सौंपा है।
खाद को लेकर किसान परेशान
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों को खाद के लिए घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। कई जगहों पर महिलाएं और बुजुर्ग तक सुबह 4 बजे से लाइन में लग जाते हैं, लेकिन शाम तक निराशा ही मिलती है। इस दौरान झगड़े और अव्यवस्था भी देखने को मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी समितियों और गोदामों तक खाद पहुंच रही है, लेकिन वास्तविक किसानों तक उसका वितरण सही तरीके से नहीं हो रहा। उन्होंने इस अव्यवस्था के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
खरीफ सीजन पर संकट
आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि खरीफ सीजन की फसलें खाद के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। अगर समय पर खाद किसानों को नहीं मिली, तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसान कर्ज व आर्थिक संकट में और ज्यादा डूब जाएंगे।अपने खत में कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।







