होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

भोपाल में सरपंच महासम्मेलन: CM मोहन का ऐलान, विकास कार्यों के लिए हर पंचायत को मिलेंगे ₹50-50 हज़ार!

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में मंगलवार (11 नवंबर) को आयोजित त्रिस्तरीय सरपंच संयुक्त मोर्चा महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में मंगलवार (11 नवंबर) को आयोजित त्रिस्तरीय सरपंच संयुक्त मोर्चा महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने पंचायतों के प्रतिनिधियों को विकास कार्यों को गति देने के लिए ₹50-50 हजार की राशि प्रदान करने की घोषणा की।

सीएम डॉ. यादव ने महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में एक सरपंच के पास जो शक्तियां हैं, वो विधायक और सांसदों को भी नहीं हैं। उन्होंने कहा, “सरपंच अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों पर लेकर जा सकते हैं, और उनके भरोसे से ही प्रदेश में विकास का कारवां चल रहा है।”

पंचायतों के लिए बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  • विकास राशि: सम्मेलन में शामिल सभी पंचायतों के प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए ₹50-50 हजार की राशि अंतरित की जाएगी।
  • कार्य अधिकार: पंचायतों को ₹25 लाख तक के कार्य करने का अधिकार दिया जा रहा है।
  • आवास और सामुदायिक भवन: राज्य सरकार ने 2472 अटल पंचायत भवन, 1037 सामुदायिक भवन, 106 जनपद पंचायत भवन और 5 जिला पंचायत भवन स्वीकृत किए हैं।
  • शांतिधाम: शांतिधाम के निर्माण के लिए जिला प्रशासन सरपंचों की सहायता करेगा।

2026 होगा ‘कृषि वर्ष’

सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित कर रही है। उन्होंने कृषि आधारित उद्योगों और रोज़गार पर ज़ोर दिया:

  • कृषि आधारित उद्योग: प्रदेश में रोज़गार आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, खासकर कृषि उत्पादों के निर्माण के लिए कृषि और खाद्यान्न आधारित उद्योग शुरू किए जाएंगे।
  • खाद्य प्रसंस्करण: राज्य में सब्जी और अन्य फसलों के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाई खोली जा रही है, जिसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • पशुपालन और दुग्ध उत्पादन: पंचायतों से गांवों में किसानों को गोपालन और पशुपालन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया, ताकि प्रदेश को दूध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सके।

धार्मिक स्थलों का विकास

मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की भी बात कही:

  • श्रीराम वन गमन पथ: पंचायत प्रतिनिधि भगवान श्रीराम से संबंधित प्रत्येक स्थान की जानकारी उपलब्ध कराएं। इन्हें श्रीराम वन गमन पथ में शामिल किया जाएगा।
  • श्रीकृष्ण तीर्थ: भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को भी राज्य सरकार तीर्थ के रूप में विकसित करेगी।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी भी दी:

“सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में अगर कोई सचिव या सहायक सचिव लापरवाही से कार्य करता है तो उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि 24 से 26 नवंबर को भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों की कॉन्फ्रेंस होने वाली है।

 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें