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रिजवाना ने प्रेमी के लिए रखा सोलह सोमवार का व्रत, परिवार से बगावत कर इस्लाम छोड़ा, मंगलसूत्र पहन शिव मंदिर में लिए सात फेरे

खंडवा: मध्य प्रदेश के हरदा जिले की रहने वाली रिजवाना ने प्रेम की खातिर मजहब की दीवारें तोड़ते हुए इस्लाम धर्म छोड़कर ...

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| सतना टाइम्स

खंडवा: मध्य प्रदेश के हरदा जिले की रहने वाली रिजवाना ने प्रेम की खातिर मजहब की दीवारें तोड़ते हुए इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया और अपने प्रेमी अतुल के साथ विवाह कर लिया। रिजवाना अब आराध्या बन गई हैं। पारिवारिक विरोध और सामाजिक बंधनों के बावजूद दोनों ने खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक रीति-रिवाजों से सात फेरे लिए।

Rizwana left Islam for her lover

रिजवाना से आराध्या बनने का सफर

  • प्रेम कहानी: रिजवाना और अतुल की प्रेम कहानी बचपन से पनपी हुई है। उम्र में एक साल बड़ी होने के बावजूद दोनों का रिश्ता वर्षों से मजबूत था।

  • पारिवारिक विरोध: युवती का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था और लगातार विरोध कर रहा था।

  • धर्म परिवर्तन का संकल्प: रिजवाना ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय अपने मन और विश्वास से लिया, क्योंकि वह काफी समय से सनातन धर्म की रीति-परंपराओं को समझ और महसूस कर रही थीं।

आस्था और निष्ठा का प्रमाण

धर्म परिवर्तन से पहले रिजवाना ने अपनी आस्था को पूरी तरह मजबूत किया:

  • व्रत और पूजा: उन्होंने पिछले 6 महीनों में सोलह सोमवार के व्रत रखे।

  • आराधना: हरदा जिले के कई मंदिरों में जाकर भगवान शिव से आशीर्वाद लिया और नवरात्रि में 9 दिनों तक माता दुर्गा की आराधना की।

  • निष्ठा: सनातन संस्कृति, पूजा-पाठ और जीवन के मूल सिद्धांतों को समझने के बाद ही उन्होंने पूरी निष्ठा से सनातन धर्म में प्रवेश करने का निर्णय लिया।

महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक विवाह

रिजवाना उर्फ आराध्या ने धर्म परिवर्तन की इच्छा जताते हुए महादेवगढ़ मंदिर के संचालक अशोक पालीवाल से संपर्क किया।

  • धर्मांतरण: मंदिर में पुजारियों की मौजूदगी में वैदिक विधि-विधान के अनुसार धर्मांतरण की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।

  • विवाह: शुभ मुहूर्त में पवित्र अग्नि के साक्षी सात फेरे लिए गए। अतुल ने आराध्या को वरमाला पहनाई और मंगलसूत्र बांधकर जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया। विवाह समारोह में मंदिर के पुजारी और स्थानीय श्रद्धालु बाराती बने।

  • आराध्या का बयान: आराध्या ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा और विश्वास से धर्म बदला है, न कि किसी के दबाव में।

आराध्या और अतुल की यह प्रेम कहानी, जो धर्म, समाज और पारिवारिक विरोध के बीच भी अपने रिश्ते को सम्मान देने की मिसाल है, चर्चा का विषय बनी हुई है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें