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AIIMS भोपाल का कायाकल्प: ₹1000 करोड़ के मास्टर प्लान से बदल जाएगी तस्वीर; अब कैंपस से मिलेगी ‘एयर एंबुलेंस’ की सुविधा

भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल का एम्स अब दिल्ली एम्स की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। सोमवार ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल का एम्स अब दिल्ली एम्स की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। सोमवार को भारत सरकार की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (SFC) के सामने इस व्यापक योजना का खाका पेश किया गया। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को इन प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

Aiims Bhopal

1. एयर एम्बुलेंस और हेलीपैड

इस विस्तार योजना का सबसे बड़ा आकर्षण एम्स परिसर में बनने वाला हेलीपैड है।

  • फायदा: अब गंभीर मरीजों को सीधे हेलीकॉप्टर के जरिए एम्स लाया जा सकेगा। एयर एम्बुलेंस के सीधे लैंड और टेकऑफ की सुविधा से ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के बाद का कीमती समय) में मरीजों की जान बचाना आसान होगा।

2. देश का दूसरा सबसे बड़ा ‘लेवल-1’ ट्रॉमा सेंटर

मरीजों की संख्या में पिछले दो वर्षों में हुई 56.7% की वृद्धि को देखते हुए, यहाँ 150 बेड का अत्याधुनिक अपेक्स ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है।

  • महत्व: यह दिल्ली एम्स के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा ट्रॉमा सेंटर होगा, जहाँ दुर्घटना और गंभीर चोटों के मामलों का विश्वस्तरीय इलाज संभव होगा।

3. 200 बेड का ऑन्कोलॉजी (कैंसर) सेंटर

कैंसर के इलाज के लिए एम्स में प्रतिवर्ष लगभग 36 हजार मरीज पहुँचते हैं।

  • लागत: 437 करोड़ रुपये।

  • सुविधाएं: कीमोथेरेपी, रेडिएशन और स्टेम सेल ट्रीटमेंट जैसी जटिल प्रक्रियाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। यह विशेष रूप से रायसेन, विदिशा और आगर मालवा जैसे जिलों से आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत होगी।

4. रोबोटिक सर्जरी और वर्चुअल ऑटोप्सी

आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए एम्स में कुछ और बड़े बदलाव किए जा रहे हैं:

  • रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम: यूरोलॉजी और अन्य विभागों में जटिल सर्जरी अब रोबोटिक सिस्टम की मदद से अधिक सटीकता के साथ की जा सकेंगी।

  • वर्चुअल ऑटोप्सी: शव परीक्षण की नई तकनीक (बिना चीर-फाड़ के) भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: गर्भवती महिलाओं के लिए सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

निष्कर्ष

संस्थान के निदेशक डॉ. माधवानंद कर और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में तैयार किया गया यह प्लान, भोपाल एम्स को देश के अग्रणी मेडिकल हब के रूप में स्थापित करेगा। यह केवल एक बिल्डिंग का विस्तार नहीं, बल्कि लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य का अधिकार सुनिश्चित करने वाला कदम है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें