होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

RATLAM PROTEST: 30 घंटे बाद खुला महू-नीमच फोरलेन; करणी सेना का धरना खत्म, लापता नाबालिग मिली, जानें क्या रहीं 11 सूत्रीय मांगें?

रतलाम में करणी सेना परिवार का करीब 30 घंटे से चल रहा हाई-वोल्टेज धरना बुधवार रात समाप्त हो गया। महू-नीमच फोरलेन पर ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

रतलाम में करणी सेना परिवार का करीब 30 घंटे से चल रहा हाई-वोल्टेज धरना बुधवार रात समाप्त हो गया। महू-नीमच फोरलेन पर डटे प्रदर्शनकारी प्रशासन से मिले ठोस आश्वासन के बाद सड़क से हटने को तैयार हुए, जिसके बाद इस व्यस्त मार्ग पर यातायात पुन: बहाल हो सका। मंगलवार से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में जीवनसिंह शेरपुर के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता रात भर सड़क पर टेंट लगाकर डटे रहे।

क्यों खत्म हुआ धरना? (प्रशासन का आश्वासन)

आंदोलनकारियों और जिला प्रशासन के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी। प्रशासन ने करणी सेना की 11 सूत्रीय मांगों पर नियमानुसार और समय सीमा में कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

सबसे बड़ी जीत: 2 महीने से लापता बच्ची मिली

जीवनसिंह शेरपुर ने धरने की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण एक 14 साल की बच्ची की बरामदगी को बताया:

  • सत्य: प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जो बच्ची 2 महीने से लापता थी, पुलिस ने धरने के दबाव में उसे महज कुछ घंटों में तलाश लिया।

  • सवाल: शेरपुर ने प्रशासन पर तंज कसते हुए पूछा, “क्या हर जायज काम के लिए जनता को इसी तरह सड़क पर बैठना पड़ेगा?”

क्या थीं करणी सेना की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने 11 सूत्रीय मांग पत्र रखा था, जिसमें मुख्य मुद्दे ये थे:

  • वैध उत्खनन: उत्खनन के नाम पर ग्रामीणों पर हो रही एकतरफा कार्रवाई पर रोक।

  • अपराध पर नियंत्रण: क्षेत्र में बढ़ती चोरी की वारदातों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती।

  • किसान समस्याएं: गेहूं खरीदी केंद्रों पर आ रही दिक्कतें और किसानों को उचित सुविधाएं।

  • लापता केस: क्षेत्र से लापता अन्य व्यक्तियों की तलाश में तेजी लाना।

‘कलेक्टर’ को लेकर हुआ बड़ा विवाद

पूरे 30 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा गतिरोध कलेक्टर से मुलाकात को लेकर रहा:

  • नाराजगी: जीवनसिंह शेरपुर ने आरोप लगाया कि कलेक्टर इतनी व्यस्त थीं कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने आए नागरिकों से मिलने तक नहीं आईं।

  • प्रशासन का पक्ष: अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मांगों पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी प्रदर्शनकारियों को दे दी थी, लेकिन वे सीधे उच्चाधिकारियों से ही संवाद पर अड़े थे।


धरना डायरी: मुख्य बिंदु 

विवरण जानकारी
स्थान महू-नीमच फोरलेन, रतलाम
अवधि लगभग 30 घंटे (मंगलवार से बुधवार रात तक)
नेतृत्व जीवनसिंह शेरपुर (करणी सेना परिवार)
परिणाम लापता नाबालिग मिली, अन्य मांगों पर कार्रवाई का भरोसा।
वर्तमान स्थिति फोरलेन खाली, यातायात सामान्य।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें