खरगोन। जिले के भगवानपुरा स्थित वन ग्राम धरमपुरी के पास सतपुड़ा की पहाड़ियों में दुर्लभ प्रजाति के उल्लू (Bubo bengalensis Owl) के बच्चे दिखाई दिए हैं। एक पहाड़ी गुफा के समीप मिले इन नन्हे परिंदों का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में कौतूहल का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंडियन रॉक ईगल आउल (भारतीय ईगल उल्लू) हैं, जिन्हें सामान्यतः देखना काफी कठिन होता है।
क्यों खास है यह ‘बुबो बेंगालेंसिस’ प्रजाति?
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. रविंद्र रावल के अनुसार:
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विशालकाय आकार: इसे ‘बड़ा सींगदार उल्लू’ (Horned Owl) भी कहा जाता है क्योंकि इसके सिर पर कान जैसे दिखने वाले पंखों के गुच्छे होते हैं।
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रात्रिचर स्वभाव: यह पक्षी मुख्य रूप से रात में सक्रिय होता है, इसलिए दिन के उजाले में इसके बच्चों का इस तरह दिखाई देना एक दुर्लभ घटना है।
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पहचान: इनका रंग पथरीला और भूरा होता है, जो इन्हें पहाड़ियों और गुफाओं में छिपने (Camouflage) में मदद करता है।
‘न्यूनतम चिंता’ लेकिन संरक्षण है जरूरी
हालांकि अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड डाटा बुक में इस प्रजाति को फिलहाल ‘न्यूनतम चिंता’ (Least Concern) की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन डॉ. रावल ने इनके संरक्षण पर जोर दिया है:
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आवास का संकट: जंगलों की कटाई और प्राकृतिक गुफाओं के साथ छेड़छाड़ से इनका अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
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कानूनी सुरक्षा: उल्लू को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित पक्षियों की श्रेणी में रखा गया है। इनका शिकार या इन्हें पकड़ना दंडनीय अपराध है।
स्थानीय लोगों में उत्सुकता और मांग
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय आदिवासी और ग्रामीण इन पक्षियों को देखने पहुँच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि:
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इस क्षेत्र की निगरानी बढ़ाई जाए ताकि बाहरी लोग इन दुर्लभ पक्षियों को नुकसान न पहुँचा सकें।
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इनके प्राकृतिक आवास के आसपास मानवीय हस्तक्षेप कम किया जाए।
जैव विविधता का केंद्र: सतपुड़ा
सतपुड़ा के घने जंगल अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। भारत में उल्लू की लगभग 20 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें रॉक ईगल आउल अपनी विशिष्ट बनावट और राजसी लुक के कारण विशेष स्थान रखता है।
प्रजाति प्रोफाइल
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वैज्ञानिक नाम: Bubo bengalensis
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सामान्य नाम: इंडियन रॉक ईगल आउल।
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स्थान: भगवानपुरा, सतपुड़ा की पहाड़ियाँ (खरगोन)।
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विशेषता: सिर पर सींग जैसे पंख और रात में शिकार करने की अद्भुत क्षमता।









