इंदौर (मध्य प्रदेश):इंदौर के भागीरथपुरा में सीवरेज मिश्रित पानी की आपूर्ति से हुई मौतों ने शहर की ‘स्वच्छता’ की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 17 जनवरी को प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका दुख-दर्द साझा करेंगे।

राहुल गांधी का कार्यक्रम और कांग्रेस का ‘मिशन’
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पीड़ितों से भेंट: राहुल गांधी सीधे भागीरथपुरा जाएंगे और उन परिवारों से मिलेंगे जिन्होंने अपने सदस्यों को खोया है।
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ट्वीट के जरिए हमला: राहुल गांधी ने पहले ही सोशल मीडिया पर कहा था कि “इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया है” और प्रशासन पर “कुंभकर्णी नींद” में सोने का आरोप लगाया था।
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चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ बैठक: वे नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों के कांग्रेस पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेंगे।
प्रदेशव्यापी उपवास और मनरेगा विरोध
राहुल गांधी के दौरे के दिन ही कांग्रेस ने दोहरी रणनीति अपनाई है:
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सामूहिक उपवास: प्रदेश के हर ब्लॉक में कांग्रेस कार्यकर्ता दूषित पानी से जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए उपवास रखेंगे।
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मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलने का विरोध: केंद्र सरकार द्वारा ‘मनरेगा’ का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ करने के विरोध में कांग्रेस नेता महात्मा गांधी की प्रतिमाओं के सामने धरना देंगे।
इंदौर जल कांड: खौफनाक आंकड़े
| स्थिति | विवरण |
| कुल मौतें (स्थानीय दावे) | 23 (प्रशासन ने 6-15 के बीच होने की संभावना जताई है) |
| अस्पताल में भर्ती कुल मरीज | 436 (अब तक) |
| वर्तमान में उपचाररत | 33 (10 आईसीयू में, 3 वेंटिलेटर पर) |
| मुख्य कारण | पेयजल पाइपलाइन में सीवरेज (गंदा पानी) का मिलना। |
प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
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डेथ ऑडिट: एमजीएम मेडिकल कॉलेज की ऑडिट रिपोर्ट ने माना है कि कम से कम 15 मौतों का सीधा संबंध डायरिया और दूषित पानी से हो सकता है।
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सरकार का रुख: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष पर इस मानवीय त्रासदी पर “राजनीति” करने का आरोप लगाया है।
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हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी सरकार को फटकार लगाते हुए इस मामले में संवेदनशीलता बरतने और जवाबदेही तय करने को कहा है।








