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पूर्व BJP जिलाध्यक्ष पर लगे आरोपों का विरोध, SP कार्यालय का घेराव; सर्व समाज ने की ‘न्यायिक जांच’ की मांग

सतना (मध्य प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा पर एक युवती द्वारा दुष्कर्म के आरोप लगाए जाने के बाद ...

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| सतना टाइम्स

सतना (मध्य प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा पर एक युवती द्वारा दुष्कर्म के आरोप लगाए जाने के बाद सतना में सियासी माहौल गरमा गया है। इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए, सर्व ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने बीते दिन सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव किया।

समाज के सदस्यों और पूर्व जिलाध्यक्ष के परिजनों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच या मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला?

  • आरोप और FIR: बीते महीने एक युवती ने पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसी आधार पर हाल ही में कोलगंवा थाने में उनके खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया गया है।
  • विरोध और प्रदर्शन: केस दर्ज होने के बाद सतीश शर्मा के परिजन और सर्व ब्राह्मण समाज के सदस्य एकजुट हो गए। उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए आरोपों का विरोध किया और एसपी कार्यालय का घेराव किया।

परिजनों और समाज का पक्ष

प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष के परिजनों और समाज के सदस्यों ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा:

  • बहन का बयान: सतीश शर्मा की बहन ने कहा कि उनका भाई निर्दोष है और उसने हमेशा समाज और पार्टी के लिए काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोप लगाने वाली युवती पहले उनके भाई को पिता समान मानती थी, लेकिन अब झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
  • पिता का आरोप: पूर्व जिलाध्यक्ष के पिता ने भी बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह साधारण परिवार से हैं और समाज सेवा में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने साफ आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों ने षड्यंत्र के तहत झूठा मामला दर्ज करवाया है।
  • सर्व ब्राह्मण समाज की चेतावनी: सर्व ब्राह्मण समाज और भाजपा के कई सदस्यों ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बिना ठोस सबूत और मेडिकल रिपोर्ट के जल्दबाजी में मामला दर्ज किया गया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया और पूर्व जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

समाज के प्रतिनिधियों और परिजनों ने एसपी से मुलाकात कर मामले की मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष को न्याय मिल सके। पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में जांच की मांग पर जोर दिया गया है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें