भोपाल (मध्य प्रदेश):लंबे समय से खाली पड़े निगम-मंडलों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर नियुक्तियों के लिए दिल्ली से ‘ग्रीन सिग्नल’ मिल चुका है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य उन वरिष्ठ विधायकों और पूर्व मंत्रियों को सक्रिय करना है, जिन्हें वर्तमान मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई है।
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प्रमुख नाम और संभावित जिम्मेदारियां
अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इन दिग्गजों को अहम विभागों की कमान सौंपी जा सकती है:
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गोपाल भार्गव: प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव को किसी महत्वपूर्ण संवैधानिक या कैबिनेट दर्जा प्राप्त राजनीतिक पद की जिम्मेदारी मिल सकती है।
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जयंत मलैया: पूर्व वित्त मंत्री मलैया को उनके अनुभव को देखते हुए ‘राज्य वित्त आयोग’ का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
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ब्रजेंद्र प्रताप सिंह: पन्ना के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री को किसी बड़े विकास निगम की कमान मिलने की चर्चा है।
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अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस: इन वरिष्ठ नेताओं को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए महत्वपूर्ण प्राधिकरणों का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
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हरिशंकर खटीक: पूर्व मंत्री और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले खटीक का नाम भी शीर्ष दावेदारों में है।
क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण पर जोर
इस सूची के जरिए भाजपा 2028 के आगामी विधानसभा चुनावों और सांगठनिक मजबूती के लिए विंध्य, बुंदेलखंड और महाकोशल जैसे क्षेत्रों में संतुलन साधना चाहती है।
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कमलेश शाह: कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह को भी इस लिस्ट में जगह मिलने की प्रबल संभावना है, जो उप-चुनाव में उनके समर्पण का प्रतिफल माना जा रहा है।
बजट सत्र से पहले होगा ऐलान
विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले इन नियुक्तियों की घोषणा होने की पूरी उम्मीद है। मुख्यमंत्री की दावोस से वापसी के बाद राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश नेतृत्व के बीच होने वाली बैठक के बाद नामों का आधिकारिक ऐलान हो जाएगा।
संभावित नियुक्तियों का सारांश
| नेता का नाम | संभावित पद / विभाग |
| गोपाल भार्गव | कोई बड़ी संवैधानिक या राजनीतिक जिम्मेदारी |
| जयंत मलैया | अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग |
| कमलेश शाह | महत्वपूर्ण निगम/प्राधिकरण |
| चेतन सिंह | भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) |
| हरिनारायण सिंह | इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) |








