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POLITICAL WAR: भगोरिया मेले में ‘औकात’ की जंग अलीराजपुर में भिड़े कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार; उत्सव बना सियासी अखाड़ा

अलीराजपुर। आदिवासी संस्कृति के सबसे बड़े लोक पर्व ‘भगोरिया’ में सोमवार को उस वक्त सन्नाटा खिंच गया, जब प्रदेश की राजनीति के ...

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| सतना टाइम्स

अलीराजपुर। आदिवासी संस्कृति के सबसे बड़े लोक पर्व ‘भगोरिया’ में सोमवार को उस वक्त सन्नाटा खिंच गया, जब प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज—कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार—एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। भाईचारे के इस पर्व में विधानसभा की तल्खी साफ दिखाई दी और दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

“अपमान करने आए हो या माफी मांगने?”

जैसे ही मेले में दोनों नेताओं का सामना हुआ, उमंग सिंघार ने हमलावर रुख अपनाते हुए सीधे विजयवर्गीय को घेर लिया। सिंघार ने तंज कसते हुए पूछा— “यहां आदिवासियों का अपमान करने आए हो, उन्हें औकात दिखाने आए हो या अपने बयान पर माफी मांगने?” * विजयवर्गीय का जवाब: उन्होंने संयम बरतते हुए कहा कि वे यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि उत्सव का आनंद लेने आए हैं। हालांकि, उन्होंने सिंघार की बयानबाजी को ‘छोटी मानसिकता’ करार दिया।

क्या है ‘औकात’ वाला पूरा मामला?

यह विवाद विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बिजली खरीद समझौते (अडाणी ग्रुप के साथ करार) पर बहस से शुरू हुआ था:

  • विवादित टिप्पणी: बहस के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने उमंग सिंघार को ‘अपनी औकात में रहने’ की बात कह दी थी।

  • सिंघार का पलटवार: सिंघार ने इसे आदिवासियों का अपमान बताते हुए कहा था कि “मेरी औकात प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवाल पूछने की है।” * सदन में हंगामा: इस एक शब्द की वजह से सदन की कार्यवाही 7 बार स्थगित करनी पड़ी थी और अंततः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मोर्चा संभालकर माफी मांगनी पड़ी थी।

‘आदिवासी अस्मिता’ बनाम ‘बेबाक छवि’

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है क्योंकि:

  • उमंग सिंघार: वे इस मुद्दे को ‘आदिवासी अस्मिता’ से जोड़कर आदिवासी बेल्ट में कांग्रेस की पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। उनका कहना है कि सीएम ने तो माफी मांग ली, लेकिन विजयवर्गीय ने अब तक खेद नहीं जताया।

  • कैलाश विजयवर्गीय: अपनी कड़क और बेबाक छवि के लिए जाने जाने वाले विजयवर्गीय इस मुद्दे पर झुकने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।

मेले की मिठास में घुली कड़वाहट

भगोरिया उत्सव, जो अपनी मस्ती और मिलन के लिए जाना जाता है, वहां इस बार समर्थकों के बीच भी तनाव देखा गया। अलीराजपुर के इस मेले में आदिवासियों के पारंपरिक नृत्य के बीच दोनों नेताओं की सुरक्षा और समर्थकों की नारेबाजी ने माहौल को गरमा दिया।

प्रमुख बिंदु (Snapshot)

  1. मुद्दा: विधानसभा में विजयवर्गीय द्वारा सिंघार को ‘औकात’ दिखाने वाली टिप्पणी।

  2. ताजा टकराव: अलीराजपुर के भगोरिया मेले में दोनों नेताओं का आमना-सामना।

  3. कांग्रेस का रुख: विजयवर्गीय से व्यक्तिगत माफी की मांग पर अड़ी।

  4. बीजेपी का रुख: इसे उत्सव के बीच अनावश्यक राजनीति बता रही है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें