उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में विकास कार्यों को लेकर जनता का धैर्य जवाब दे गया है। पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के विरोध में रहवासियों ने न केवल भाजपा कार्यालय का घेराव किया, बल्कि उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन ने अपनी ही सरकार और अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधायक ने यहाँ तक कह दिया कि अगर जनभावनाओं का सम्मान नहीं हुआ, तो पार्टी ‘उपचुनाव’ कराकर देख ले।
क्यों भड़की उज्जैन की जनता?
विवाद की जड़ पिपलीनाका चौराहा से भैरवगढ़ जेल तक के मार्ग का चौड़ीकरण है।
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विवाद: प्रशासन इस मार्ग को पहले 150 फीट चौड़ा करना चाहता था, जिसे विरोध के बाद 100 फीट किया गया।
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मांग: रहवासी इसे अधिकतम 80 फीट (24 मीटर) रखने की मांग कर रहे हैं।
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असर: चौड़ीकरण की जद में कई पुराने मकान और दुकानें आ रही हैं, जिससे लोग बेघर होने की कगार पर हैं। बीजेपी ऑफिस पहुंची महिलाएं अपने आशियाने बचाने की गुहार लगाते हुए फूट-फूटकर रो पड़ीं।
विधायक अनिल जैन के तीखे बोल: “मुगल काल आ गया है?”
विधायक अनिल जैन ने कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर टिप्पणी की:
“जिस तरह से कार्रवाई की जा रही है, ऐसा लग रहा है जैसे मुगल काल आ गया है। अधिकारी मुख्यमंत्री को सही फीडबैक नहीं दे रहे हैं। होली का त्यौहार और बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में मकान तोड़ना गलत है।”
‘उपचुनाव’ की नसीहत और इस्तीफे का संकेत
विधायक ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से चर्चा का हवाला देते हुए कहा:
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“मैंने स्पष्ट कह दिया है कि अगर जनता का सम्मान नहीं होता, तो उपचुनाव करवा लें, पता चल जाएगा। अगर मैं जनता की रक्षा नहीं कर सकता, तो मेरे विधायक रहने का कोई औचित्य नहीं है।”
सिंहस्थ कार्यों का लगातार विरोध
उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ को लेकर चल रहे प्रोजेक्ट्स पहले भी विवादों में रहे हैं:
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लैंड पूलिंग: किसानों के भारी विरोध के कारण सरकार को यह योजना वापस लेनी पड़ी थी।
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एलिवेटेड रोड: इंदौर-उज्जैन एलिवेटेड रोड का विरोध हुआ, जिसके बाद इसे जमीन पर बनाने का फैसला लिया गया।
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अवैध निर्माण: हाल ही में सिंहस्थ क्षेत्र में किए गए कई निर्माणों को ढहाया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष है।









