इंदौर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के किसानों को दो बड़ी योजनाओं की सौगात दी, जिसमें ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन आत्म-निर्भरता मिशन’ शामिल हैं। दिल्ली में आयोजित ‘अन्नदाताओं का सम्मान, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण’ कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के इंदौर में 79 करोड़ रुपये की लागत से बने एक अत्याधुनिक मिल्क पाउडर प्लांट का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर से वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजनाएं कृषि विकास के क्षेत्र में नया अध्याय लिखेंगी।

कृषि क्षेत्र के लिए 42,000 करोड़ की परियोजनाएं
इस वृहद कार्यक्रम के माध्यम से कृषि और संबंधित क्षेत्रों के लिए 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इन योजनाओं से न केवल किसान भाई-बहनों के जीवन में नई खुशहाली आएगी, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी और मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि ‘पीएम धन-धान्य कृषि योजना’ देश के कृषि और इससे जुड़े सेक्टर्स में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी।
इंदौर में 30 लाख टन क्षमता का मिल्क प्लांट
प्रधानमंत्री मोदी ने इंदौर में स्थापित 30 लाख टन क्षमता वाले अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र (मिल्क पाउडर प्लांट) का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही, प्रदेश के इंदौर और ग्वालियर सहकारी संघों को पैक्स (PACS) से जोड़े जाने को भी एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। इन पहलों से प्रदेश के डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों के हित में बड़े फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, “देश में अब तक 10 हजार एफपीओ (FPO) के अंतर्गत 50 लाख किसान सदस्यता ले चुके हैं। इसके अलावा, डेयरी, मत्स्यपालन, पशुपालन, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है।” उन्होंने विश्वास जताया कि नई योजनाओं से कम उपज वाले 100 जिलों में पैदावार बढ़ाने और देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। कार्यक्रम के समापन के बाद, इंदौर जिले के किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आत्मीय स्वागत कर अभिनंदन किया।








