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पतंजलि फूड्स टैक्स केस: हाईकोर्ट की EOW को फटकार; पूछा- “89 लाख का टैक्स 9 लाख कैसे हुआ? 3 हफ्ते में दें स्टेटस रिपोर्ट”, राजस्व घोटाले में घिरे गाडरवारा के अधिकारी

जबलपुर/नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा नगरपालिका में हुए कथित ‘प्रॉपर्टी टैक्स घोटाले’ पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया ...

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| सतना टाइम्स

जबलपुर/नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा नगरपालिका में हुए कथित ‘प्रॉपर्टी टैक्स घोटाले’ पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। पतंजलि फूड्स लिमिटेड की औद्योगिक इकाई को नियमों के विरुद्ध जाकर करीब 80 लाख रुपये की टैक्स राहत देने के मामले में न्यायालय ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने साफ लहजे में पूछा है कि एक साल से लंबित इस शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है?

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • बड़ी धांधली: ‘कमर्शियल’ संपत्ति को दस्तावेजों में ‘आवासीय’ दिखाकर ₹89 लाख के टैक्स को घटाकर मात्र ₹9 लाख किया गया।

  • हाईकोर्ट का अल्टीमेटम: EOW को 3 सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश।

  • गोपनीय खेल: नगरपालिका परिषद को अंधेरे में रखकर संकल्प पंजी में दर्ज किया गया टैक्स कम करने का फैसला।

  • लंबे समय बाद एक्शन: शासन स्तर पर सुनवाई न होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र राजपूत ने 11 फरवरी 2026 को लगाई थी याचिका।


क्या है पूरा मामला

यह विवाद गाडरवारा नगरपालिका क्षेत्र में स्थित पतंजलि फूड्स लिमिटेड के प्लांट से जुड़ा है। याचिका के अनुसार:

  1. श्रेणी में बदलाव: प्लांट प्रबंधन और नगरपालिका अधिकारियों ने सांठगांठ कर औद्योगिक (Industrial) श्रेणी की संपत्ति को ‘आवासीय’ (Residential) श्रेणी में बदल दिया।

  2. राजस्व का चूना: इस हेरफेर से नगरपालिका को मिलने वाले ₹89 लाख के राजस्व को घटाकर सिर्फ ₹9 लाख कर दिया गया, जिससे सीधे तौर पर सरकारी खजाने को करीब ₹80 लाख का नुकसान हुआ।

  3. नियमों का उल्लंघन: इतने बड़े वित्तीय बदलाव के लिए नगरपालिका परिषद की अनुमति अनिवार्य होती है, जिसे पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया।

विपक्ष ने भी उठाए थे सवाल

इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने पूर्व में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके, एक साल तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


EOW और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

हाईकोर्ट की सक्रियता के बाद अब EOW ने मामले से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन (स्क्रूटनी) शुरू कर दी है।


खबर का सारांश 

  • पक्षकार: गाडरवारा नगरपालिका और पतंजलि फूड्स लिमिटेड।

  • विवाद की राशि: ₹80 लाख की टैक्स राहत।

  • न्यायालय: जबलपुर उच्च न्यायालय।

  • अगली सुनवाई: मई 2026 (3 सप्ताह बाद)।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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