सतना | जिले के मझगवां क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और महिला बाल विकास विभाग के दावों की पोल खुल गई है। ग्राम पथरा सुरंगी में कुपोषण के कारण एक 4 माह की मासूम बच्ची सुप्रांशी की मौत हो गई। दर्दनाक पहलू यह है कि सुप्रांशी और उसका जुड़वां भाई नैतिक दोनों ही अति कुपोषित थे, लेकिन समय रहते उन्हें सही पोषण और इलाज नहीं मिल सका। फिलहाल नैतिक की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर किया गया है।

मुख्य बिंदु
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मासूम की मौत: बुधवार को जिला अस्पताल सतना में इलाज के दौरान सुप्रांशी ने दम तोड़ा।
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सिस्टम की चूक: वजन कम होने के बावजूद मैदानी अमले ने बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) रेफर नहीं किया।
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अति कुपोषित: 4 माह की उम्र में सुप्रांशी का वजन मात्र 2.8 किलो और नैतिक का 2.9 किलो पाया गया।
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एक महीने में दूसरी घटना: मझगवां क्षेत्र में कुपोषण से एक महीने के भीतर यह दूसरी मौत है।
एनआरसी (NRC) भेजने में क्यों हुई देरी?
जानकारी के अनुसार, टीकाकरण के दौरान ही स्वास्थ्य कर्मियों को पता चल गया था कि दोनों बच्चों का वजन उनकी उम्र के हिसाब से बेहद कम है।
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मैदानी अमले की सुस्ती: नियमों के मुताबिक, अति कुपोषित बच्चों को तुरंत एनआरसी भेजा जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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अंतिम समय में भर्ती: जब बच्चों की हालत बिगड़ी, तब उन्हें मंगलवार को जिला अस्पताल लाया गया। डॉ. अमर सिंह (सिविल सर्जन) के अनुसार, बच्ची की हालत बहुत गंभीर थी और बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नत्थू प्रसाद प्रजापति के घर में जुड़वां बच्चों के जन्म पर खुशियाँ थीं, जो अब मातम में बदल गई हैं। एक तरफ बेटी का शव है, तो दूसरी तरफ बेटे की जान बचाने के लिए परिवार रीवा के चक्कर काट रहा है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।
प्रशासनिक सवाल
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जब टीकाकरण के समय वजन कम मिला, तो महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने संज्ञान क्यों नहीं लिया?
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मझगवां जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कुपोषण मिटाने के लिए चल रहे सरकारी अभियानों का बजट कहाँ खर्च हो रहा है?
खबर का सारांश (Quick Facts)
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मृतक: सुप्रांशी (4 माह), पिता नत्थू प्रसाद प्रजापति।
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स्थान: ग्राम पथरा सुरंगी, मझगवां (सतना)।
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स्थिति: जुड़वां भाई नैतिक रीवा रेफर।
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वजह: अति कुपोषण और समय पर इलाज का अभाव।








