भोपाल (मध्य प्रदेश) – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर सख़्त रुख अपनाते हुए मंगलवार (25 नवंबर) की रात को अचानक पुलिस मुख्यालय (PHQ) का दौरा किया। सीएम रात 8:15 बजे पीएचक्यू पहुंचे और आला अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें मुख्य सचिव (CS), डीजीपी, एडीजी इंटेलिजेंस, और भोपाल पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
सीएम के इस त्वरित एक्शन से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
अपराधों और ढीली कार्रवाई पर नाराजगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के दौरान राज्य में हो रही आपराधिक वारदातों पर भोपाल पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब किया और विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से दो मामलों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की:
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रायसेन मामला: सीएम ने रायसेन में एक मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी जताई।
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मंडीदीप चक्का जाम: मंडीदीप में चक्का जाम की घटना पर पुलिस द्वारा की गई ढीली कार्रवाई पर भी सीएम ने असंतोष प्रकट किया।
त्वरित कार्रवाई: दो अधिकारियों पर गिरी गाज
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल एक्शन लेते हुए दो बड़े निर्देश जारी किए:
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रायसेन एसपी: रायसेन पुलिस अधीक्षक को तत्काल मुख्यालय अटैच करने के निर्देश दिए गए।
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थाना प्रभारी: मिसरोद थाना प्रभारी को तुरंत हटाने के निर्देश जारी किए गए।
सीएम के सख्त निर्देश: “पुलिस सड़कों पर उतरे”
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर आपराधिक वारदातों पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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गश्त और पेट्रोलिंग: सीएम ने गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
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कठोर कार्रवाई: उन्होंने कहा कि पुलिस सड़कों पर उतरे और किसी भी अपराधी को न छोड़े, अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
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निरीक्षण और जवाबदेही: सीएम ने अधिकारियों को निरीक्षण करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की नसीहत दी।








