होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

सतना: बिरला अस्पताल में ‘लापरवाही’ या ‘चिकित्सा प्रोटोकॉल’? ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन के बाद महिला के पेट पर मिला गहरा चीरा; परिजनों का भारी हंगामा, पुलिस तैनात

सतना। शहर के प्रियंवदा बिरला अस्पताल में शुक्रवार को उस वक्त भारी तनाव की स्थिति बन गई, जब एक बुजुर्ग महिला के ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

सतना। शहर के प्रियंवदा बिरला अस्पताल में शुक्रवार को उस वक्त भारी तनाव की स्थिति बन गई, जब एक बुजुर्ग महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का दावा है कि महिला का ऑपरेशन ‘ब्रेन ट्यूमर’ का था, लेकिन घर पहुँचने पर महिला के पेट पर टांके और गहरा चीरा दिखाई दिया। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि कई थानों की पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा और कांग्रेस नेताओं ने भी धरने पर बैठकर अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • अजीबोगरीब मामला: सिर के ऑपरेशन के बाद पेट पर मिला सर्जरी का निशान; परिजन बोले— “बिना बताए क्यों किया चीरा?”

  • हॉस्पिटल में हड़कंप: कोलगवां और कोतवाली पुलिस ने संभाली कमान; 3 घंटे तक बना रहा तनाव।

  • प्रबंधन की सफाई: “ब्रेन सर्जरी की हड्डी सुरक्षित रखने के लिए पेट में बनाया गया था पॉकेट।”

  • पैसों की वापसी: हंगामे के बाद अस्पताल ने परिजनों को लौटाए 1.87 लाख रुपये।


पूरा घटनाक्रम: ऑपरेशन से लेकर हंगामे तक

सभापुर थाना क्षेत्र के ग्राम माजन निवासी जमुनिया साकेत (60) को 29 मार्च को बिरला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

  1. सर्जरी: 1 अप्रैल को डॉक्टरों ने महिला के ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन किया।

  2. डिस्चार्ज और खुलासा: शुक्रवार सुबह जब महिला को अस्पताल से छुट्टी दी गई और परिजन उसे घर ले गए, तो कपड़े बदलते समय पेट पर एक गहरा टांके वाला चीरा दिखा।

  3. आक्रोश: परिजन तुरंत महिला को लेकर वापस अस्पताल पहुँचे और प्रबंधन से जवाब माँगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर वहां हाथापाई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।

अस्पताल प्रबंधन की दलील: ‘मेडिकल प्रोटोकॉल’

बढ़ते विवाद के बीच बिरला अस्पताल प्रबंधन ने सफाई पेश की है। डॉक्टरों का कहना है कि:

  • हड्डी का संरक्षण: ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के दौरान सिर की हड्डी का एक हिस्सा (Bone Flap) निकालना पड़ता है। इसे शरीर के बाहर रखने के बजाय मरीज के ही पेट में त्वचा के नीचे ‘पॉकेट’ बनाकर सुरक्षित रखा जाता है ताकि संक्रमण न हो।

  • भविष्य की योजना: जब मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है, तो दोबारा ऑपरेशन कर उस हड्डी को वापस सिर में लगा दिया जाता है। अस्पताल का दावा है कि यह एक मानक चिकित्सा प्रक्रिया है।


सियासी एंट्री और समझौता

हादसे की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता रितेश त्रिपाठी भी अस्पताल पहुँच गए और परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए।

  • मुआवजा: परिजनों ने आरोप लगाया कि उनसे ऑपरेशन के नाम पर करीब 3 लाख रुपये लिए गए थे। हंगामे और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने 1.87 लाख रुपये परिजनों को वापस कर दिए हैं।

  • पुलिस जांच: पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर ली है और अब मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय ली जा रही है कि क्या परिजनों को इस प्रक्रिया की पूर्व जानकारी दी गई थी या नहीं।


खबर का सारांश 

  • मरीज: जमुनिया साकेत (60 वर्ष)।

  • अस्पताल: प्रियंवदा बिरला अस्पताल, सतना।

  • विवाद: ब्रेन सर्जरी के बाद पेट पर बिना सूचना के चीरा मिलना।

  • नतीजा: अस्पताल ने लौटाई रकम, पुलिस जांच जारी।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें