सतना: मध्यप्रदेश के सतना और नवगठित मैहर जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत संचालित ‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना में घोर लापरवाही सामने आई है। राज्य स्तर की रैंकिंग में सतना जिले की स्थिति बेहद खराब होने और 40वें स्थान पर खिसक जाने के बाद, जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने इस लचर प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 5 इंजीनियरों सहित कुल 9 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है।
प्रमुख बिंदु:
- खराब रैंकिंग: सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि अधिकारियों की गंभीरता की कमी के कारण सतना जिला इस महत्वपूर्ण परियोजना में प्रदेश के 39 जिलों से पिछड़ गया है।
- तीन दिन की मोहलत: सभी जिम्मेदार अधिकारियों से तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- कार्रवाई की जद में: सीईओ ने स्पष्ट किया कि रैंकिंग में गिरावट के लिए सीधे तौर पर अधीनस्थ अमले की लापरवाही जिम्मेदार है।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज:
लापरवाही बरतने के आरोप में जिन प्रमुख अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
| श्रेणी | अधिकारी का नाम | पद |
| आरईएस इंजीनियर्स | लाजरूस केरकेट्टा | एग्जीक्यूटिव इंजीनियर |
| परितोष सिंह, राजेश पांडेय | असिस्टेंट इंजीनियर | |
| आरबी गौतम | सहायक यंत्री | |
| मधु बागरी | कार्यपालन यंत्री | |
| अन्य अधिकारी | मनीषा कुरील, संजय भारती गोस्वामी, नागेन्द्र तिवारी | एपीओ |
| विभा सिंह | समन्वयक |
इसके अतिरिक्त, 4 मनरेगा विकासखंड स्तर के अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर तत्काल प्रगति लाकर जिले की रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
CEO की सख्त चेतावनी:
सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने नोटिस प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि, “यदि समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है या प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं होता है, तो उनके विरुद्ध बिना किसी अन्य सूचना के कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।” इस कार्रवाई के बाद से जिला प्रशासन और जनपद पंचायतों के अमले में हड़कंप मचा हुआ है।








