मध्य प्रदेश में चैत्र नवरात्रि का स्वागत चिलचिलाती धूप के बजाय ठंडी हवाओं और ‘झमाझम’ बारिश के साथ होने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक साथ 5 मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश के 19 जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार-बुधवार की रात से ही बादलों ने डेरा डाल लिया है। बालाघाट में तो एक इंच बारिश के साथ प्री-मानसून जैसी स्थिति बन गई है।

क्यों बदला मौसम? (5 सक्रिय सिस्टम)
मौसम विज्ञानी डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, ये 5 कारण बदल रहे हैं एमपी का मिजाज:
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चक्रवातीय सिस्टम: एमपी के मध्य भागों के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर हवा का घेरा।
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राजस्थान-छत्तीसगढ़ ट्रफ: दक्षिण-पूर्व राजस्थान से उत्तर छत्तीसगढ़ तक फैली ट्रफ लाइन।
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यूपी का सिस्टम: पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती घेरा।
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मराठवाड़ा ट्रफ: एमपी के मध्य से होते हुए कर्नाटक तक जा रही एक और ट्रफ।
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पश्चिमी विक्षोभ (WD): उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस।
इन 19 जिलों में ‘येलो अलर्ट’
अगले 24 घंटों में इन जिलों में तेज हवाओं, वज्रपात (आसमानी बिजली) और बारिश की संभावना है:
राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी और पांढुर्णा।
तारीखवार बारिश का अनुमान
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19 मार्च (कल): ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ इंदौर, उज्जैन, इंदौर, बड़वानी, धार, झाबुआ, बैतूल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में आइसोलेटेड बारिश होगी।
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20 मार्च: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल और रीवा संभाग के जिलों में मौसम बिगड़ेगा।
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21-22 मार्च: प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।
तापमान में आएगी गिरावट
बारिश और बादलों के कारण पिछले कुछ दिनों से 40°C के पार जा रहे पारे में 3°C से 5°C तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे नवरात्रि के शुरुआती दिनों में गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
सावधानी बरतें: वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि:
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आसमान में बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
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खुले मैदान या बिजली के खंभों से दूर रहें।
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कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।








