कटनी: मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी व्यवस्था की बदहाली और बच्चों के पोषण की अनदेखी की तस्वीरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। श्योपुर में बच्चों को रद्दी पेपर पर खाना परोसने के बाद, अब कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के कोठी के सेहरा टोला स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र का शर्मनाक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में मासूम बच्चे जमीन पर बैठकर मिड-डे मील खा रहे हैं और उनके ठीक बगल में, उनकी थालियों के पास बकरियां भी खाना खाती दिख रही हैं।
व्यवस्था की बदहाली और लापरवाही
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घटनास्थल: सेहरा टोला, ढीमरखेड़ा, कटनी।
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स्थिति: आंगनबाड़ी केंद्र एक जर्जर निजी भवन में संचालित हो रहा है।
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लापरवाही: वीडियो सामने आने के समय, केंद्र पर न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं और न ही सहायिका। केंद्र पूरी तरह से रसोइयों के भरोसे चल रहा था, जिसके चलते मवेशियों को रोकने वाला कोई नहीं था।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप
जनपद सदस्य सुषमा छत्रपाल सिंह और ग्रामीणों ने प्रशासन पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं:
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अस्वीकार्य दूरी: सेहरा टोला के लिए स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन को गांव से 2 से 3 किलोमीटर दूर बैगा मोहल्ले में बनाया जा रहा है, इतनी दूरी छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए तय करना असंभव है।
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अक्सर अनुपस्थित: ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ पदस्थ कार्यकर्ता और सहायिका कभी केंद्र पर नहीं आती हैं, जिससे बच्चों को शिक्षा और ढंग से पोषण आहार भी नहीं मिल पा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है:
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नोटिस: परियोजना अधिकारी आरती यादव ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सेक्टर सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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दौरा: उन्होंने स्वयं गांव का दौरा करने और अव्यवस्थाओं को सुधारने का आश्वासन दिया है।
यह घटना दर्शाती है कि मैदानी स्तर पर बाल विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग पूरी तरह से फेल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप कर गांव के भीतर ही केंद्र बनवाने की मांग की है।








