भोपाल (मध्य प्रदेश):मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगी। सरकार ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure), शिक्षा और किसानों की सुविधा के लिए बड़े निवेश का रास्ता साफ कर दिया है।
1. बड़वाह-धामनोद मार्ग: 2508 करोड़ से बदलेगी तस्वीर
कैबिनेट ने बड़वाह-धामनोद मार्ग (लंबाई 62.795 किमी) को 4-लेन बनाने के लिए 2,508.21 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
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क्या-क्या बनेगा: इस प्रोजेक्ट के तहत 10 बायपास, 5 बड़े पुल, 23 मध्यम पुल और 12 VUP/SVUP का निर्माण होगा।
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मॉडल: यह काम हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर होगा, जिसमें 40% लागत सड़क विकास निगम और 60% राशि अगले 15 वर्षों में एन्यूटी के रूप में दी जाएगी। इससे इंदौर और निमाड़ क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी और व्यापार को बड़ी मजबूती मिलेगी।
2. मौसम की सटीक जानकारी: पंचायतों में लगेंगे ‘रेनगेज’
किसानों और आम जनता को मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है।
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अब प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में रेनगेज (वर्षा मापी यंत्र) लगाए जाएंगे।
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सभी तहसीलों में स्वचलित मौसम केंद्र (Automatic Weather Stations) स्थापित किए जाएंगे। इससे ओलावृष्टि, भारी बारिश और सूखे जैसे हालातों का रियल-टाइम डेटा मिल सकेगा, जिससे किसानों को फसल प्रबंधन में आसानी होगी।
3. जबलपुर लॉ यूनिवर्सिटी: 197 करोड़ का बजट
शिक्षा के क्षेत्र में जबलपुर के धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (DNLU) के द्वितीय चरण के निर्माण के लिए 197.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें आधुनिक एकेडमिक ब्लॉक, एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक और स्टाफ क्वार्टर्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे यह संस्थान देश के अग्रणी लॉ कॉलेजों की कतार में मजबूती से खड़ा हो सके।
4. आंगनवाड़ी और पोषण अभियान को विस्तार
कैबिनेट ने ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ योजना को अगले 5 वर्षों तक निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों में कुपोषण को दूर करना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।
निष्कर्ष: मोहन कैबिनेट के ये फैसले बताते हैं कि सरकार का फोकस न केवल शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा के स्तर को सुधारने पर भी है








