भोपाल/दिल्ली। मध्य प्रदेश के ‘चीता स्टेट’ के दर्जे को और मजबूती मिलने वाली है। दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से 8 नए मेहमान इसी महीने 28 फरवरी के आसपास मध्य प्रदेश की धरती पर कदम रखेंगे। इसके साथ ही असम से जंगली भैंसों को भी एमपी में बसाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया।
कूनो में बढ़ेगा चीतों का कुनबा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्स्थापन का अगला चरण शुरू हो रहा है।
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तारीख: 28 फरवरी के आसपास चीतों के आने की संभावना है।
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स्रोत: इस बार चीते दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से लाए जा रहे हैं।
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उद्देश्य: कूनो में चीतों की जेनेटिक विविधता को बढ़ाना और उनके कुनबे का विस्तार करना।
असम के जंगली भैंसों का भी होगा दीदार
सिर्फ चीते ही नहीं, मध्य प्रदेश के जंगलों में जल्द ही असम के जंगली भैंसे भी रेंगते नजर आएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि असम से गैंडे और जंगली भैंसों को लाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक में इन वन्यजीवों के स्थानांतरण की सभी आवश्यक कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा हुई और प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया।
पर्यटन और संरक्षण को मिलेगी नई दिशा
सीएम डॉ. मोहन यादव के अनुसार:
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मध्य प्रदेश में रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं।
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इन प्रोजेक्ट्स से राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
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केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
दिल्ली में हुई अहम बैठक
मुख्यमंत्री विशेष रूप से चीता प्रोजेक्ट और असम से जानवरों के स्थानांतरण से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रोजेक्ट की प्रगति पर संतोष जाहिर किया और राज्य सरकार को आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया।








