होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

BREAKING NEWS: मामूली चोट को न करें नजरअंदाज! सतना में टिटनेस ने किशोर को पहुँचाया वेंटिलेटर पर, गले में छेद कर बचानी पड़ी जान

सतना। क्या एक छोटी सी खरोंच जानलेवा हो सकती है? जवाब है—हाँ। मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल से एक ऐसा खौफनाक ...

विज्ञापन

Updated on:

| सतना टाइम्स

सतना। क्या एक छोटी सी खरोंच जानलेवा हो सकती है? जवाब है—हाँ। मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल जगत और आम जनता को हैरान कर दिया है। महज 7 दिन पहले पैर में लगी एक सामान्य चोट ने 15 साल के किशोर को मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।

मामूली घाव, बड़ा खतरा: वेंटिलेटर पर मासूम

पाथर कछार गांव के रहने वाले शीतल खैरवार (15) को एक सप्ताह पहले पैर में मामूली चोट लगी थी। परिजनों ने इसे सामान्य समझकर टिटनेस (TT) का इंजेक्शन नहीं लगवाया। नतीजा यह हुआ कि क्लोस्ट्रीडियम टेटानी बैक्टीरिया ने शरीर में जहर फैला दिया। किशोर का शरीर अकड़ने लगा और उसका श्वसन तंत्र (Respiratory System) पूरी तरह डैमेज हो गया।

इमरजेंसी सर्जरी: गले में छेद कर दी गई सांस

हालत इतनी बिगड़ गई कि किशोर नाक या मुंह से सांस लेने में असमर्थ हो गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने आपात स्थिति में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मोहित समाधिया को बुलाया। डॉक्टरों ने ट्रेकियोस्टॉमी (Tracheostomy) प्रक्रिया के जरिए किशोर की गर्दन में छेद कर ट्यूब डाली, ताकि फेफड़ों तक सीधे ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके। फिलहाल शीतल वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

डेढ़ महीने में दूसरा मामला: डॉक्टरों की चिंता बढ़ी

हैरानी की बात यह है कि जिस टिटनेस को 2010-11 के बाद लगभग खत्म मान लिया गया था, सतना में पिछले 45 दिनों में यह दूसरा गंभीर मामला है। इससे पहले पन्ना के एक युवक को भी इसी तरह वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था।

डॉक्टरों की चेतावनी: “टिटनेस का संक्रमण मिट्टी, जंग लगे लोहे या गहरी चोट से फैलता है। चोट लगने के 48 से 72 घंटों के भीतर टिटनेस का टीका लगवाना अनिवार्य है, वरना यह संक्रमण लाइलाज और जानलेवा हो सकता है।”


याद रखें: बचाव ही इलाज है

  • चोट छोटी हो या बड़ी: तुरंत डॉक्टर से मिलें।

  • TT वैक्सीन: मामूली खरोंच पर भी टिटनेस का इंजेक्शन जरूर लगवाएं।

  • मिट्टी और लोहा: मिट्टी में काम करते समय या लोहे से चोट लगने पर लापरवाही बिल्कुल न बरतें।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें