खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में इंदौर लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। जमीन के नामांतरण के एवज में रिश्वत की मांग करने वाले मंडलेश्वर हल्का नंबर 24 और 25 के पटवारी छतरसिंह चौहान को लोकायुक्त पुलिस ने ₹25 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। रिश्वत की रकम में लगे केमिकल लगे नोट भी आरोपी पटवारी के पास से बरामद कर लिए गए हैं।
नामांतरण के लिए मांगी थी ₹1 लाख की डिमांड
यह मामला महेश्वर तहसील के ग्राम खारिया निवासी बच्चू चौहान (32) की शिकायत के बाद सामने आया।
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शिकायत: आवेदक ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को बताया था कि उसने और उसके भाई ने 29 सितंबर 2025 को खरीदी गई कृषि भूमि का नामांतरण अपनी पत्नियों (रिंकू चौहान और अनीता चौहान) के नाम कराने के लिए रजिस्ट्री की प्रतियां पटवारी को दी थीं।
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रिश्वत की मांग: पटवारी छतरसिंह चौहान (55) ने भूमि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में आवेदक से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की।
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डील: आवेदक के अनुरोध के बाद पटवारी ₹50 हजार में काम करने के लिए राजी हो गया था।
पहली किश्त लेते ही ट्रैप
शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
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कार्रवाई: शुक्रवार को तय योजना के अनुसार, आवेदक बच्चू चौहान पटवारी छतरसिंह चौहान के पास रिश्वत की पहली किस्त ₹25 हजार लेकर पहुंचे।
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गिरफ्तारी: जैसे ही पटवारी छतरसिंह चौहान ने रिश्वत के पैसे जेब में रखे, पहले से मुस्तैद इंदौर लोकायुक्त टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों धर दबोचा।
आरोपी पटवारी वर्तमान में खरगोन की श्रीनिवास कॉलोनी में निवासरत हैं। लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।








