मैहर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन में खाकी की हैवानियत और अवैध वसूली ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। अनंतराम पटेल नाम के शख्स ने पुलिसकर्मी और कुछ ब्लैकमेलरों की प्रताड़ना से तंग आकर सड़क किनारे एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। मौत को गले लगाने से पहले अनंतराम ने एक वीडियो बनाया और 4 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपनी मौत की पूरी कहानी बयां की है।
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सुसाइड नोट और वीडियो के चौंकाने वाले खुलासे
अनंतराम ने वीडियो में रोते हुए अपनी बेबसी जाहिर की है। उसने अपनी मौत के लिए 5 लोगों को जिम्मेदार ठहराया है:
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प्रधान आरक्षक लक्ष्मी रावत: मृतक का आरोप है कि अमरपाटन थाने के प्रधान आरक्षक ने 8 जनवरी को उससे 1 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद वह झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 1 लाख रुपये और मांग रहा था।
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अन्य आरोपी: मृतक ने रामगोपाल, रेशमा, सुधा और हिमांशु पर भी ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये ठगने के आरोप लगाए हैं। रामगोपाल ने कथित तौर पर 2 लाख रुपये वसूले थे।
रात में पुलिस ले गई, सुबह मिला शव
मृतक के चचेरे भाई संदीप पटेल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
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रात की घटना: गुरुवार रात अमरपाटन थाने की ‘डायल-112’ गाड़ी घर आई थी। आरोप है कि प्रधान आरक्षक लक्ष्मी रावत नशे में धुत थे।
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अभद्रता: पुलिस ने घर की महिलाओं से बदतमीजी की और अनंतराम के 14 साल के बेटे को गाड़ी में बैठाकर खेत की तरफ ले गए।
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लापता और मौत: परिजनों का सवाल है कि पुलिस जब रात में अनंतराम को अपने साथ ले गई थी, तो सुबह उसकी लाश पेड़ पर कैसे मिली? रातभर उसके साथ क्या हुआ?
परिजनों का फूटा गुस्सा
शुक्रवार सुबह शव मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को शव उतारने से रोक दिया। उनकी मांग है कि:
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दोषी पुलिसकर्मी और ब्लैकमेलरों पर हत्या (302) का मामला दर्ज हो।
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परिवार से लूटी गई राशि दोगुनी वापस दिलाई जाए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
एडिशनल एसपी चंचल नागर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और 4 पन्नों के सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि तथ्यों की पुष्टि होने पर किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस विभाग का ही क्यों न हो।








