भोपाल: मध्य प्रदेश में अब राजभवन को आधिकारिक तौर पर ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर यह नाम परिवर्तन किया गया है। यह बदलाव औपनिवेशिक काल के नामों और प्रतीकों को समाप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार की पहल का हिस्सा है। शुक्रवार को सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार से राजभवन ने अपने लेटरहेड भी बदल दिए हैं।
केंद्र सरकार का निर्देश और वजह
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मूल वजह: यह कदम केंद्र सरकार के उस निर्देश का पालन है जो पिछले साल हुई राज्यपालों की बैठक में लिया गया था। इस बैठक में यह सुझाव दिया गया था कि ‘राजभवन’ और ‘राज निवास’ जैसे नाम अंग्रेजों के जमाने के हैं और इन्हें बदला जाना चाहिए।
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MHA का आदेश: गृह मंत्रालय ने इसी सुझाव के आधार पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि राज्यपाल के कार्यालय को सभी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए ‘लोक भवन’ और उपराज्यपाल के कार्यालय को ‘लोक निवास’ नाम दिया जाए।
सीएम ने ‘लोक भवन’ में की राज्यपाल से मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल से ‘लोक भवन’ में मुलाकात की, जिससे इस नए नाम को आधिकारिक रूप से पुष्टि मिल गई।
राष्ट्रीय फेहरिस्त में शामिल हुआ MP
मध्य प्रदेश अब उन लगभग दस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हो गया है जिन्होंने यह नया नाम अपनाया है। इससे पहले ये राज्य अपने राजभवनों के नाम बदल चुके हैं:
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राज्यों में बदलाव: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा।
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केंद्र शासित प्रदेश: लद्दाख ने राज निवास का नाम बदलकर लोक निवास कर दिया है।








