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सिंगरौली शिक्षा विभाग में करोड़ों का ‘खेल’: DEO सहित 4 बड़े अफसरों पर लोकायुक्त की FIR; भ्रष्टाचार के केस के बाद भी ‘कुर्सी’ से मोह बरकरार

सिंगरौली | सिंगरौली जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय धांधली और नियमों को ताक पर रखकर की गई खरीदी के मामले में लोकायुक्त ...

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| सतना टाइम्स

सिंगरौली | सिंगरौली जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय धांधली और नियमों को ताक पर रखकर की गई खरीदी के मामले में लोकायुक्त संभाग रीवा ने बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिला प्रभारी शिक्षा अधिकारी (DEO) सूर्यभान सिंह समेत चार नामजद अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। ताज्जुब की बात यह है कि इतनी गंभीर धाराओं में एफआईआर होने के बावजूद ये अधिकारी अब भी अपने रसूखदार पदों पर जमे हुए हैं।

मुख्य बिंदु 

  • बड़ी कार्रवाई: लोकायुक्त ने अपराध क्रमांक 43/2026 दर्ज कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।

  • करोड़ों की हेराफेरी: स्वच्छता सामग्री, वर्चुअल रियलिटी लैब और स्कूलों में मरम्मत के नाम पर लगभग 8.71 करोड़ रुपये की खरीदी में धांधली का आरोप है।

  • नामजद अधिकारी: DEO सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक राजधर साकेत, DPC रामलखन शुक्ल और APC छविलाल सिंह।

  • सवालिया निशान: FIR और साक्ष्य जब्ती के बाद भी अधिकारियों का पद पर बने रहना जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।


कैसे हुआ करोड़ों का घोटाला? (जांच के दायरे में खरीदी)

लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खरीद प्रक्रिया में सरकारी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं:

  1. स्वच्छता सामग्री: 558 स्कूलों के लिए 97.67 लाख रुपये की कीटाणुशोधन सामग्री खरीदी गई।

  2. VR लैब: 19 स्कूलों के लिए 468.16 लाख रुपये की वर्चुअल रियलिटी लैब की खरीदी में भारी कमीशनखोरी की आशंका है।

  3. मरम्मत एवं उपकरण: 61 स्कूलों में विद्युत व्यवस्था और सामान्य मरम्मत के नाम पर 305 लाख रुपये खर्चे गए।

इन धाराओं में फँसे ‘साहब’

लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए), 13(2), 7(सी), 12 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) व 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं लोक सेवक द्वारा पद के दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी हैं।


प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल

आमतौर पर लोकायुक्त की कार्रवाई और FIR के बाद जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निलंबित या स्थानांतरित किया जाता है। लेकिन सिंगरौली में आरोपी अधिकारी अब भी विभागीय फाइलों को निपटा रहे हैं। शिकायतकर्ता संतोष कुमार का आरोप है कि पद पर बने रहकर ये अधिकारी साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।


FIR की जद में आए अधिकारी 

नाम पद
सूर्यभान सिंह जिला प्रभारी शिक्षा अधिकारी
राजधर साकेत सहायक संचालक शिक्षा
रामलखन शुक्ल जिला परियोजना समन्वयक (DPC)
छविलाल सिंह सहायक परियोजना समन्वयक (वित्त)

खबर का सारांश 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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