Bhopal News :राजधानी भोपाल में आयोजित आकर प्रादेशिक फिल्म फेस्टिवल में मध्यप्रदेश की क्षेत्रीय फिल्म “कुंवारापुर” ने अपनी छाप छोड़ते हुए दो बड़े अवॉर्ड अपने नाम किए। हास्य से लबरेज़ और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित इस फिल्म को दर्शकों और निर्णायक मंडल, दोनों का भरपूर प्यार मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री उमाकांत गुंडेचा, कुलपति संतोष चौबे और वरिष्ठ फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा ने फिल्म निर्देशक राजेंद्र राठौड़ को बेस्ट डायरेक्टर और फिल्म की नायिका एवं निर्माता अन्नपूर्णा द्विवेदी को बेस्ट फिल्म का पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
नइ कहानियां देती है प्रेणना!
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फिल्म निर्देशक राजेंद्र राठौड़ ने इस सम्मान के लिए आयोजक शशिकांत सक्सेना, चयन समिति और निर्णायक मंडल का आभार जताते हुए कहा—
“ऐसे प्रादेशिक फिल्म फेस्टिवल हम कलाकारों को पहचान और मंच देने का काम करते हैं। यह हमें और मेहनत करने और नई कहानियां कहने की प्रेरणा देते हैं।”फेस्टिवल में फिल्म कुंवारापुर का विशेष प्रदर्शन भी किया गया, जिसे दर्शकों ने दिल से सराहा।
क्षेत्रीय सिनेमा की दिशा में नई शुरुआत
मंच से बोलते हुए राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा की नई पहल की है। जल्द ही एक मालवी फिल्म की शूटिंग शुरू की जाएगी, जिसमें मालवा क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया कि क्षेत्रीय और छोटी फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सहयोग और सुविधाओं को आसान बनाया जाए।
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रोजगार और पर्यटन से जुड़ेंगे अवसर
राठौड़ ने कहा कि यदि सरकार और समाज मिलकर क्षेत्रीय सिनेमा को समर्थन दें, तो यह न केवल युवाओं के लिए रोजगार का साधन बनेगा बल्कि मध्यप्रदेश के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाएगा। इससे राज्य का पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत भी फिल्मों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंच सकेगा।
इस मौके पर बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि, रंगकर्मी, साहित्यकार और विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि कुंवारापुर जैसी फिल्में ही क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान दिलाएंगी।







