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मौत को मात देकर लौटा कुनाल: जहरीले कफ सिरप ने छीनीं थीं 27 जिंदगियां, 115 दिन बाद अस्पताल से घर पहुंचा मासूम; आंखों में नमी और चेहरे पर मुस्कान

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश):कहते हैं ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’। यह पंक्तियाँ छिंदवाड़ा के जाटाछापर निवासी 5 साल के मासूम कुनाल ...

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| सतना टाइम्स

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश):कहते हैं ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’। यह पंक्तियाँ छिंदवाड़ा के जाटाछापर निवासी 5 साल के मासूम कुनाल पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। ‘कोल्ड्रिफ’ नामक जहरीले कफ सिरप का शिकार हुए कुनाल ने नागपुर के अस्पतालों में 115 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच चली लंबी जंग जीत ली है। मंगलवार को जब वह अपने घर लौटा, तो पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।

Cough Syrup News

24 अगस्त से शुरू हुआ दुखों का पहाड़

विजडम स्कूल में पढ़ने वाले कुनाल की तबीयत 24 अगस्त को कफ सिरप पीने के बाद बिगड़ी थी। जहर का असर इतना घातक था कि मासूम की दोनों किडनियां फेल हो गई थीं। पिता टिक्कू यदुवंशी उसे लेकर नागपुर भागे, जहाँ एम्स और अन्य निजी अस्पतालों में महीनों तक उसका इलाज चला।

3 महीने सूना रहा घर, अब गूंजी किलकारियां

अगस्त से दिसंबर तक कुनाल का घर सन्नाटे में डूबा था। मंगलवार को जब कुनाल घर पहुंचा और अपने पुराने खिलौनों को संभाला, तो परिजनों के सब्र का बांध टूट गया।

  • त्रासदी का मंजर: इस कफ सिरप कांड ने क्षेत्र के 27 मासूम बच्चों की जान ले ली।

  • किस्मत वाले 3: इस भयावह त्रासदी में अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों में से केवल 3 ही जीवित बच पाए, जिनमें से कुनाल एक है।

संघर्ष अभी बाकी: आंखों और पैरों में तकलीफ

भले ही कुनाल घर लौट आया है, लेकिन जहरीले सिरप और लंबे समय तक चले डायलिसिस ने उसके शरीर पर निशान छोड़े हैं।

  • वर्तमान स्थिति: कुनाल को चलने में दिक्कत हो रही है और उसकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है।

  • उम्मीद: डॉक्टरों का कहना है कि उचित देखभाल और समय के साथ अंगों में सुधार होने की पूरी संभावना है।

परिजनों का छलका दर्द

कुनाल के पिता ने रुंधे गले से बताया, “हमारे लिए तो आज ही दिवाली है। तीन महीने हमने कैसे काटे, यह हम ही जानते हैं। बस अब भगवान से यही प्रार्थना है कि बेटा पहले की तरह दौड़ने-भागने लगे।”

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें