होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

Kisan Kalyan 2026: MP के किसानों की बल्ले-बल्ले; सरसों पर भावांतर और तुअर की 100% खरीद को केंद्र की मंजूरी

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए दिल्ली से बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए दिल्ली से बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में खेती-किसानी से जुड़े कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लग गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे ने प्रदेश के ‘अन्नदाताओं’ के लिए राहत के नए रास्ते खोल दिए हैं। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को दलहन और तिलहन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ‘ग्रीन सिग्नल’ दे दिया है।

सरसों किसानों को ‘भावांतर’ का सहारा

सरसों उत्पादक किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत भावांतर भुगतान योजना (Price Deficit Payment Scheme) को लेकर आई है:

  • क्या होगा लाभ: यदि बाजार में सरसों की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम रहती है, तो अंतर की राशि सरकार सीधे किसानों के खातों में भेजेगी।

  • मंजूरी: केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए भुगतान प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।

तुअर (अरहर) की 100% सरकारी खरीद

अब दाल उगाने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं होगा:

  • स्वीकृति पत्र: शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को तुअर की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का आधिकारिक पत्र सौंप दिया है।

  • फायदा: इससे बाजार में कीमतें गिरने पर भी किसानों को नुकसान नहीं होगा और पूरी उपज सरकारी केंद्रों पर खरीदी जाएगी।

फसल बीमा के नियमों में बड़ा बदलाव

किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने के लिए तकनीक में सुधार किया जाएगा:

  • नया फॉर्मूला: सोयाबीन जैसी फसलों के नुकसान के आकलन के लिए अब केवल सैटेलाइट डेटा पर निर्भरता नहीं रहेगी।

  • संयुक्त तकनीक: अब ‘क्रॉप कटिंग’ (मैदान पर जांच) और ‘रिमोट सेंसिंग’ दोनों का उपयोग होगा, ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर पैसा मिल सके।

दलहन-तिलहन उत्पादन का नया रोडमैप

मध्य प्रदेश को दालों और तेल वाली फसलों का हब बनाने के लिए केंद्र और राज्य की एक संयुक्त टीम काम करेगी। इसमें मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और ऑयल पाम जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाई जाएगी।

ग्रामीण विकास पर भी फोकस

बैठक में केवल खेती ही नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के तहत लंबित प्रस्तावों को जल्द पूरा करने का आश्वासन मिला है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आवास के काम में तेजी आएगी।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें