होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

खरगोन: ‘हमें 11वीं में ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार पढ़ाया गया’; रिजल्ट बिगड़ा तो छात्राओं ने किया चक्काजाम, दो शिक्षकों की छुट्टी

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़ूद-खरगोन मार्ग पर गुरुवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं का गुस्सा फूट ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़ूद-खरगोन मार्ग पर गुरुवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। कक्षा 11वीं की छात्राओं ने खराब रिजल्ट और स्कूल की बदहाली के खिलाफ सड़क पर बैठकर धरना दिया और चक्काजाम कर दिया। छात्राओं का सबसे सनसनीखेज आरोप यह था कि 11वीं क्लास में उन्हें अंग्रेजी के सिलेबस के बजाय नर्सरी की कविता “ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार” पढ़ाई जाती थी।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • अनोखा विरोध: “क्या छोटी क्लास की कविता लिखकर हम 11वीं पास हो जाते?”— छात्राओं का तीखा सवाल।

  • बड़ी कार्रवाई: जांच के बाद दो अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, प्राचार्य और अंग्रेजी शिक्षक पर गिरेगी गाज।

  • गंभीर अनियमितता: चपरासी को बनाया गया इनविजिलेटर, पंखे-कूलर बंद होने से छात्राएं रहीं परेशान।

  • प्रशासनिक दखल: कलेक्टर के निर्देश पर सहायक आयुक्त और शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल पहुँचकर शुरू की जांच।


“कोर्स अधूरा, क्लास में सुनाई कविता”

छात्राओं ने आरोप लगाया कि पूरे साल भौतिकी (Physics) और रसायन शास्त्र (Chemistry) के कई अध्याय अधूरे छोड़ दिए गए।

  • अंग्रेजी का हाल: छात्राओं के अनुसार, अंग्रेजी के शिक्षक अक्सर क्लास में पाठ्यक्रम पढ़ाने के बजाय उनसे “ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार” जैसी कविताएं सुनाने को कहते थे।

  • नतीजा: यही कारण रहा कि बड़ी संख्या में छात्राएं अंग्रेजी विषय में फेल हो गईं।

चपरासी बना ‘इनविजिलेटर’: बदहाली की दास्तां

छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए:

  1. सुरक्षा और परीक्षा: परीक्षा के दौरान एक चपरासी को कक्ष निरीक्षक (इन्विजिलेटर) की जिम्मेदारी सौंपी गई और कथित रूप से नकल को भी बढ़ावा दिया गया।

  2. बुनियादी सुविधाएं: भीषण गर्मी में स्कूल के पंखे और पानी के कूलर बंद रहे, जिससे छात्राओं को परीक्षा देने में भारी कठिनाई हुई।


प्रशासनिक हंटर: किसकी गई कुर्सी?

कलेक्टर भावना मित्तल के संज्ञान लेने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है:

  • सेवाएं समाप्त: भौतिकी के अतिथि शिक्षक सुधांशु कुमरावत और रसायन शास्त्र की अतिथि शिक्षिका अमृता कुशवाहा को हटा दिया गया है।

  • अनुशासनात्मक कार्रवाई: अंग्रेजी शिक्षक उत्तम कुमार वास्कले और प्रभारी प्राचार्य सुनीता सोनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

बचाव में तर्क: “माहौल हल्का करने के लिए थी कविता”

जहाँ एक ओर प्रभारी प्राचार्य ने स्कूल के रिजल्ट को अन्य स्कूलों से बेहतर (अंग्रेजी में 46%) बताया, वहीं सहायक आयुक्त इकबाल आदिल ने कविता वाले आरोप पर अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि शायद “माहौल हल्का करने के लिए” कभी-कभी शिक्षक ने कविता सुनाई होगी।


अब आगे क्या?

छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि:

  • छात्राओं के पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) के आवेदन ले लिए गए हैं।

  • सप्लीमेंट्री की तैयारी के लिए दूसरे स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों की विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी।

  • जल्द ही स्कूल में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति कर व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें